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साफ्टवेयर में खामी छात्रों ने भुगता खामियाजा

Sat, 30 Dec 2017 01:22 AM IST
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:22 AM IST
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साफ्टवेयर में खामी छात्रों ने भुगता खामियाजा
साफ्टवेयर में खामी छात्रों ने भुगता खामियाजा
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
समाज कल्याण विभाग के साफ्टवेयर की खामी के चलते सैकड़ों छात्र दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रह गए। शिकायत होने पर सेवा का अधिकार आयोग ने विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे सभी छात्रों को छात्रवृत्ति जारी करे। मुख्य आयुक्त आलोक कुमार जैन ये आदेश पारित किए।

हरिद्वार रुड़की के केएल पालीटेक्निक में अध्ययनरत विपिन कुमार ने सेवा का अधिकार आयोग में शिकायत की थी कि उन्हें वर्ष 2015-16 में छात्रवृत्ति नहीं मिली। आयोग ने प्रकरण के साक्ष्यों के परीक्षण के बाद पाया कि विपिन कुमार ने छात्रवृत्ति से संबंधित सभी अभिलेख व प्रमाणपत्रों की हार्ड काफी समय पर संस्था को उपलब्ध करा दी थी। लेकिन समाज कल्याण विभाग के साफ्टवेयर की त्रुटि के कारण दस्तावेज ऑनलाइन प्रदर्शित नहीं हो पाए। इस तरह वह छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। मुख्य आयुक्त आलोक कुमार जैन ने अपने निर्णय में कहा कि वर्ष 2015-16 आन लाइन आवेदन का आंरभिक वर्ष था ऐसी स्थिति में गलती होना स्वाभाविक था। आवेदक ने दस्तावेजों की प्रति समय पर उपलब्ध करा दी थी। इसलिए उसे छात्रवृत्ति वंचित किया जाना उचित नहीं है। आयोग ने राजन वर्मा की ऐसी ही शिकायत पर 325 अन्य छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ देने के निर्देश दिए। निर्णय में कहा गया है कि हरिद्वार जिले में 330 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें से पांच छात्रों की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई है। साफ्टवेयर की त्रुटि के कारण 325 छात्रों के आवेदन निरस्त कर दिए गए, जबकि विभाग के पास उस समय पर्याप्त बजट था। उक्त मामलों में मुख्य आयुक्त ने अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण से छात्रवृत्ति के उक्त लंबित प्रकरणों में छूट देते हुए उन्हें लाभान्वित करने पर विचार करने को कहा है।
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