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दून में बन रहे थे बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्के
Updated Sat, 05 May 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
दिल्ली पुलिस ने देहरादून में छापा मारकर बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्के बनाने का भंडाफोड़ किया है। क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान कांप्लेक्स को सील कर माल जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्कों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर देशभर में फ्रॉड किया जा रहा था।
फर्जी तरीके से आभासी मुद्रा के लेनदेन का बाजार दून में भी पैर पसार रहा है। बीते सप्ताह बुधवार की रात दिल्ली पुलिस ने शहर के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्कों के उत्पादन का कांप्लेक्स सील कर दिया। इथेरियम भी बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा होती है। इसका अंतरराष्ट्रीय मूल्य बिटकॉइन के बाद सबसे ज्यादा है। बताया जा रहा है कि यह इस तरह का देश का पहला मामला है। दिल्ली पुलिस ने कांप्लेक्स से सिक्के बनाने वाले 100 रिंग्स, आठ कंप्यूटर और बड़े सर्वर भी अपने कब्जे में लिए हैं। इस कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था।
आरोपियों की रिमांड खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस के साथ ही यहां दून पुलिस ने भी मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि इस कांप्लेक्स के मालिकों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपनी वेबसाइट्स के माध्यम से इथेरियम मुद्रा बेचकर 100 करोड़ रुपये की ठगी की है। इसके बाद इस पैसे को अलग-अलग जगहों पर निवेश किया है। आरोपियों में एक दिल्ली यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएट और एक पेशे से इंजीनियर है। इनका तीसरा साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
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दिल्ली पुलिस ने देहरादून में छापा मारकर बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्के बनाने का भंडाफोड़ किया है। क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान कांप्लेक्स को सील कर माल जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्कों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर देशभर में फ्रॉड किया जा रहा था।
फर्जी तरीके से आभासी मुद्रा के लेनदेन का बाजार दून में भी पैर पसार रहा है। बीते सप्ताह बुधवार की रात दिल्ली पुलिस ने शहर के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) बिटकॉइन और इथेरियम के सिक्कों के उत्पादन का कांप्लेक्स सील कर दिया। इथेरियम भी बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा होती है। इसका अंतरराष्ट्रीय मूल्य बिटकॉइन के बाद सबसे ज्यादा है। बताया जा रहा है कि यह इस तरह का देश का पहला मामला है। दिल्ली पुलिस ने कांप्लेक्स से सिक्के बनाने वाले 100 रिंग्स, आठ कंप्यूटर और बड़े सर्वर भी अपने कब्जे में लिए हैं। इस कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था।
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आरोपियों की रिमांड खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस के साथ ही यहां दून पुलिस ने भी मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि इस कांप्लेक्स के मालिकों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपनी वेबसाइट्स के माध्यम से इथेरियम मुद्रा बेचकर 100 करोड़ रुपये की ठगी की है। इसके बाद इस पैसे को अलग-अलग जगहों पर निवेश किया है। आरोपियों में एक दिल्ली यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएट और एक पेशे से इंजीनियर है। इनका तीसरा साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
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