उत्तराखंड: फेस्टिव सीजन की मस्ती में टूट रहे हैं नियम कायदे, कोरोना से राहत में सुननी होगी खतरे की आहट
- पड़ोसी राज्य दिल्ली में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले भी चिंताजनक
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उत्तराखंड में अक्तूबर माह के दौरान कोरोना के मामलों में करीब 31 प्रतिशत की कमी आई है। यह खबर राज्य के लोगों के लिए निसंदेह राहत वाली है। लेकिन कोरोना की इस राहत में हमें खतरे की आहट नहीं सुनाई दे रही है। फेस्टिव सीजन की मस्ती में टूट रहे नियम कायदों से प्रदेश सरकार चिंतित है। मुख्यमंत्री को वीडियो संदेश के जरिये राज्य के लोगों से बार बार अपील करनी पड़ रही है कि वे सावधान रहें और एहतियात बरतें।
कोरोना के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह तथ्य सामने आया है कि देश के दो राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में कोरोना के मामलों में कमी आई है। लेकिन दो में से एक राज्य जहां कोरोना के केस बढ़े हैं, वह उत्तराखंड राज्य के लिए भी चिंता की बात है।
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यह पड़ोसी राज्य दिल्ली है, जहां अक्तूबर महीने में कोरोना के मामलों में 48 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली से उत्तराखंड का चोली दामन का नाता है और अब जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में बेरोक टोक आना जाना हो रहा है, इस लिहाज से लोगों को अधिक सतर्क और चौकन्ना रहने की आवश्यकता है।
पांच अनलॉक के पांच रुझान
अनलॉक 01 02 03 04 05
मामले 1975 4302 12644 29173 13328
टेस्ट 37,291 95,947 210,691 319166 336233
इनफेक्शन रेट 5.30 4.48 6.00 9.14 3.96
रिकवरी 2129 1937 9440 25427 17888
मृत्यु 36 39 189 342 412
नोट: इनफेक्शन रेट प्रतिशत में, स्रोत: सोशल डेवलमेंट फॉर कम्युनिकेशन फाउंडेशन
अक्तूबर महीने में चढ़ा दिल्ली का कोरोना मीटर
अक्तूबर उत्तराखंड दिल्ली केरल भारत
4-18 6543 40611 111953 9,11,758
18- 01 4526 59,199 93,249 6,35,963
नोट:पड़ोसी राज्य दिल्ली में 45 प्रतिशत केस बढ़े, उत्तराखंड में 31 प्रतिशत केस घटे
चिंता करनी होगी
सियासी कार्यक्रमों में भी ढिलाई
सत्तारूढ़ भाजपा से लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में भी कोरोना की रोकथाम के लिए जरूरी नियम कायदों का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। खासतौर पर सामाजिक दूरी के नियम की पूरी तरह से अवहेलना हो रही है। इसकी ताजा मिसाल राजभवन में कांग्रेस का कूच, विधानसभा में राज्यसभा का चुनाव और आम आदमी पार्टी व यूकेडी के कार्यक्रमों में कई कार्यकर्ता मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के नियम कायदों की अनदेखी करते देखे गए हैं।
अनलॉक के दौरान गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में होना चाहिए। यदि हम यह सोच रहे हैं कि कोरोना खत्म हो गया तो यह हमारी सबसे बड़ी भूल है। हमें फेस्टिव सीजन में खास सावधानी बरतनी है। मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का हर हाल पालन करना होगा। अन्यथा केरल, मिजोरम और दिल्ली उदाहरण हैं, जहां केस बढ़े हैं।
- अनूप नौटियाल, संस्थापक, सोशल डेवलमेंट फॉर कम्युनिकेशन फाउंडेशन