पुष्पक ज्योति के बाद अजय रौतेला बने गढ़वाल रेंज के डीआईजी
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डीआईजी पुष्पक ज्योति को गढ़वाल रेंज से हटाए जाने के बाद मंगलवार को डीआईजी अजय रौतेला ने रेंज का चार्ज संभाल लिया। रौतेला ने प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि गढ़वाल क्षेत्र में आपदा एक बड़ी चुनौती है। इससे भी बड़ी चुनौती इन क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों की है। इसके लिए हमारा फोकस आपदा में पुलिस रिसपोंस पर रहेगा। इसके अलावा क्राइम, चारधाम यात्रा, हरिद्वार में क्राउड मैनेजमेंट आदि भी प्राथमिकताओं में रहेंगे। बता दें कि इससे पहले अजय रौतेला अपर सचिव गृह के पद पर थे।
अजय रौतेला 1989 में प्रांतीय पुलिस सेवा (उत्तर प्रदेश) में भर्ती हुए थे। इसके बाद उन्हें आईपीएस में 2001 बैच मिला था। रौतेला राजधानी में पुलिस अधीक्षक नगर पद पर भी रह चुके हैं। आईपीएस बनने के बाद वे विभिन्न जिलों के पुलिस कप्तान रहे और साल 2014 में राजधानी में भी बतौर एसएसपी सेवाएं दे चुके हैं। एसएसपी रहते उन्होंने कई बड़े मामलों में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा। रौतेला ने एसएसपी रहते राज्य के सबसे बड़े अपहरण कांड का खुलासा किया था। इस कांड में बीएसएनएल अधिकारी के बेटे के अपहरण में पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।
मामले में पुलिस ने बच्चे को सकुशल अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाकर फिरौती की रकम भी बचाई थी। हालांकि, इसके 15 दिन बाद ही उन्हें बदमाश अमित उर्फ भूरा के पुलिस कस्टडी से फरार होने के मामले में फजीहत भी झेलनी पड़ी। इस कांड के कारण 15 दिसंबर 2014 को उन्हें एसएसपी पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्हें अपर सचिव गृह की जिम्मेदारी दी गई। कुछ दिन बाद ही वे डीआईजी प्रमोट हो गए और उन्हें कुमाऊं रेंज की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद दोबारा रौतेला को अपर सचिव गृह बनाया गया और अब डीआईजी गढ़वाल रेंज की जिम्मेदारी दी गई है।