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आपदा नियंत्रण समितियों का गठन
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:19 PM IST
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नई टिहरी। बारिश के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए कमर कस ली है। राहत और बचाव कार्यों के लिए जिले में छह स्थानों पर क्वीक रिस्पांस टीम (तत्काल राहत दल) का गठन किया गया है। यह टीम कंडीसौड, नरेंद्रनगर, घनसाली, कीर्तिनगर, प्रतापनगर और नई टिहरी में तैनात रहेगी। 1039 ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा नियंत्रण समितियों का पहली बार गठन कर लिया गया है। सात स्थानों पर बाढ़ चौकिया बनाई गई हैं। 69 अस्थाई हैलीपैड चिह्नित किए गए है।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर डीएम सोनिका ने पत्रकारवार्ता में कहा कि किसी भी घटना के दौरान प्राथमिक बचाव और राहत कार्यों के लिए जिले के 1672 स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें ग्राम प्रहरी, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल को शामिल किया गया है। 25 जनपद स्तरीय अधिकारियों को आपदा के दौरान नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
डीएम ने बताया कि आपदा नियंत्रण कक्ष में लोनिवि, विद्युत, जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों की तैनाती 24 घंटे रहेगी। आपदा की दृष्टि से जिले में 270 संवेदनशील स्थानों का चिह्निकरण किया गया है। सड़क बंद होने की स्थिति में 214 वैकल्पिक वन मार्गों का चिह्निकरण किया गया है। आपदा नियंत्रण के लिए शासन की ओर से जनपद में 24 एसडीआरएफ के जवान तैनात किए गए हैं।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर डीएम सोनिका ने पत्रकारवार्ता में कहा कि किसी भी घटना के दौरान प्राथमिक बचाव और राहत कार्यों के लिए जिले के 1672 स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें ग्राम प्रहरी, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल को शामिल किया गया है। 25 जनपद स्तरीय अधिकारियों को आपदा के दौरान नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
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डीएम ने बताया कि आपदा नियंत्रण कक्ष में लोनिवि, विद्युत, जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों की तैनाती 24 घंटे रहेगी। आपदा की दृष्टि से जिले में 270 संवेदनशील स्थानों का चिह्निकरण किया गया है। सड़क बंद होने की स्थिति में 214 वैकल्पिक वन मार्गों का चिह्निकरण किया गया है। आपदा नियंत्रण के लिए शासन की ओर से जनपद में 24 एसडीआरएफ के जवान तैनात किए गए हैं।
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