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अधिकारी के सामने खुली पोल, प्राचार्य को किया तलब
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अधिकारी के सामने खुली पोल, प्राचार्य को किया तलब
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून अस्पताल में पत्नी का इलाज कराने आए अनु सचिव (मेडिकल शिक्षा) शिव शंकर मिश्रा के सामने अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। उनकी पत्नी दंत रोग विशेषज्ञ के पास पहुंची ही थी कि पूरे भवन में अंधेरा छा गया। घटना से नाराज अनु सचिव ने तत्काल प्राचार्य व अन्य अधिकारियों को तलब कर लिया। इसके बाद पता चला कि यहां कार्यदायी संस्था ने जनरेटर भी नहीं चलाया। इस पर संस्था के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
मामला बुधवार सुबह लगभग 11 बजे का है। अनु सचिव की पत्नी को दांत में परेशानी थी। इसके लिए वे उन्हें दून अस्पताल की नई ओपीडी में लेकर पहुंचे थे। वहां जैसे ही उनकी पत्नी ने चिकित्सक से परामर्श शुरू किया तो अस्पताल की बत्ती गुल हो गई। पावर बैकअप की व्यवस्था भी नहीं थी। काफी देर इंतजार के बाद उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को तलब कर लिया। डॉ. सयाना के बाद वहां दून अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा भी पहुंच गए। शुरुआती जांच पड़ताल में पता चला कि यहां यूपी निर्माण निगम के पास जनरेटर की व्यवस्था तो है लेकिन उन्होंने चालू ही नहीं किया। इस पर अधिकारियों ने निगम के अधिकारियों को वहां बुलाया। इस पर डॉ. सयाना ने वहां विद्युत व्यवस्थाओं को देख रहे इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई। लगभग दो घंटे बाद जनरेटर चालू किया गया। तब विद्युत आपूर्ति चालू हो सकी।
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प्राचार्य ने निरीक्षण कर निर्देश दिए
इस वाकये के बाद प्राचार्य ने नौ अधिकारियों और चिकित्सकों को लेकर नई ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूपी निर्माण निगम व अस्पताल के अधिकारियों को कई निर्देश दिए।
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- भूतल पर सभी तलों पर मौजूद सुविधाओं संबंधी साइन बोर्ड लगाए जाएं।
- सफाई के लिए व्यवस्था हो, इस संबंध में निर्देश पट्टिकाएं लगाई जाएं।
- पंजीकरण काउंटर पर दो पुरुष, दो महिलाएं और एक कर्मचारी बुजुर्ग का पंजीकरण व पूछताछ को नियुक्त किया जाए।
- मानसिक, चर्म, ईएनटी, नेत्र विभाग, डेंटल व टीबी चेस्ट विभाग को दो-दो ओपीडी कक्ष आवंटित किए जाएं। इसके साथ ही शेष को तीन-तीन कक्ष आवंटित किए जाएं।
- भूतल पर प्रसूति रोग विशेषज्ञ की ओपीडी संचालित हो और टायलेट आदि बनवाए जाएं।
- प्रत्येक तल पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर रखी जाए।
- जनरेटर के संचालन के लिए एक ऑपरेटर का प्रस्ताव भेजा जाए।
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लिफ्ट लगाने के काम में देरी पर नोटिस
नई ओपीडी में लिफ्ट के काम में काफी देरी हो चुकी है। इसके चलते प्राचार्य ने विद्युत का काम देख रहे अधिकारियों को लिखित में चेतावनी दी है। इसके अलावा भी कई कामों में देरी के लिए चेतावनी दी गई।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून अस्पताल में पत्नी का इलाज कराने आए अनु सचिव (मेडिकल शिक्षा) शिव शंकर मिश्रा के सामने अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। उनकी पत्नी दंत रोग विशेषज्ञ के पास पहुंची ही थी कि पूरे भवन में अंधेरा छा गया। घटना से नाराज अनु सचिव ने तत्काल प्राचार्य व अन्य अधिकारियों को तलब कर लिया। इसके बाद पता चला कि यहां कार्यदायी संस्था ने जनरेटर भी नहीं चलाया। इस पर संस्था के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
मामला बुधवार सुबह लगभग 11 बजे का है। अनु सचिव की पत्नी को दांत में परेशानी थी। इसके लिए वे उन्हें दून अस्पताल की नई ओपीडी में लेकर पहुंचे थे। वहां जैसे ही उनकी पत्नी ने चिकित्सक से परामर्श शुरू किया तो अस्पताल की बत्ती गुल हो गई। पावर बैकअप की व्यवस्था भी नहीं थी। काफी देर इंतजार के बाद उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को तलब कर लिया। डॉ. सयाना के बाद वहां दून अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा भी पहुंच गए। शुरुआती जांच पड़ताल में पता चला कि यहां यूपी निर्माण निगम के पास जनरेटर की व्यवस्था तो है लेकिन उन्होंने चालू ही नहीं किया। इस पर अधिकारियों ने निगम के अधिकारियों को वहां बुलाया। इस पर डॉ. सयाना ने वहां विद्युत व्यवस्थाओं को देख रहे इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई। लगभग दो घंटे बाद जनरेटर चालू किया गया। तब विद्युत आपूर्ति चालू हो सकी।
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प्राचार्य ने निरीक्षण कर निर्देश दिए
इस वाकये के बाद प्राचार्य ने नौ अधिकारियों और चिकित्सकों को लेकर नई ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूपी निर्माण निगम व अस्पताल के अधिकारियों को कई निर्देश दिए।
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- भूतल पर सभी तलों पर मौजूद सुविधाओं संबंधी साइन बोर्ड लगाए जाएं।
- सफाई के लिए व्यवस्था हो, इस संबंध में निर्देश पट्टिकाएं लगाई जाएं।
- पंजीकरण काउंटर पर दो पुरुष, दो महिलाएं और एक कर्मचारी बुजुर्ग का पंजीकरण व पूछताछ को नियुक्त किया जाए।
- मानसिक, चर्म, ईएनटी, नेत्र विभाग, डेंटल व टीबी चेस्ट विभाग को दो-दो ओपीडी कक्ष आवंटित किए जाएं। इसके साथ ही शेष को तीन-तीन कक्ष आवंटित किए जाएं।
- भूतल पर प्रसूति रोग विशेषज्ञ की ओपीडी संचालित हो और टायलेट आदि बनवाए जाएं।
- प्रत्येक तल पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर रखी जाए।
- जनरेटर के संचालन के लिए एक ऑपरेटर का प्रस्ताव भेजा जाए।
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लिफ्ट लगाने के काम में देरी पर नोटिस
नई ओपीडी में लिफ्ट के काम में काफी देरी हो चुकी है। इसके चलते प्राचार्य ने विद्युत का काम देख रहे अधिकारियों को लिखित में चेतावनी दी है। इसके अलावा भी कई कामों में देरी के लिए चेतावनी दी गई।