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‘सागर परिक्रमा’ ने भारतीय नारी शक्ति को दिलाई नई पहचान
Updated Thu, 23 Aug 2018 02:12 AM IST
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‘सागर परिक्रमा’ ने भारतीय नारी शक्ति को दिलाई नई पहचान
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
इंडियन नेवल सेलिंग वेसल (आईएनएसवी) तारिणी की टीम ने बुधवार को राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में कैडेट्स से मुलाकात कर सागर परिक्रमा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि ‘नाविक सागर परिक्रमा’ के अभियान ने पूरी दुनिया में भारतीय नारी शक्ति को नई पहचान दिलाई।
बुधवार को आईएनएसवी तारिणी में शामिल रहीं लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, प्रतिभा जामवाल, स्वाति, लेफ्टिनेंट विजया देवी और पायल गुप्ता आरआईएमसी कैडेट्स से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि ऑल वूमन टीम का यह अभियान न केवल दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का माध्यम था बल्कि महिलाओं को लेकर समाज के नजरिये में बदलाव लाने में भी उपयोगी था। अभियान से पूरी दुनिया ने भारतीय महिलाओं की शक्ति, हिम्मत और हौसले को देखा। इस दौरान उन्होंने यात्रा के अपने अनुभव और तमाम प्रसंग साझा किए। कैडेट्स ने उनसे कई सवाल भी पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया। अंत में आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल विवेक शर्मा ने स्मृति चिह्न भेंट कर टीम को सम्मानित किया।
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
इंडियन नेवल सेलिंग वेसल (आईएनएसवी) तारिणी की टीम ने बुधवार को राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में कैडेट्स से मुलाकात कर सागर परिक्रमा के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि ‘नाविक सागर परिक्रमा’ के अभियान ने पूरी दुनिया में भारतीय नारी शक्ति को नई पहचान दिलाई।
बुधवार को आईएनएसवी तारिणी में शामिल रहीं लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, प्रतिभा जामवाल, स्वाति, लेफ्टिनेंट विजया देवी और पायल गुप्ता आरआईएमसी कैडेट्स से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि ऑल वूमन टीम का यह अभियान न केवल दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का माध्यम था बल्कि महिलाओं को लेकर समाज के नजरिये में बदलाव लाने में भी उपयोगी था। अभियान से पूरी दुनिया ने भारतीय महिलाओं की शक्ति, हिम्मत और हौसले को देखा। इस दौरान उन्होंने यात्रा के अपने अनुभव और तमाम प्रसंग साझा किए। कैडेट्स ने उनसे कई सवाल भी पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया। अंत में आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल विवेक शर्मा ने स्मृति चिह्न भेंट कर टीम को सम्मानित किया।
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