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आरक्षण समाप्त करने के लिए विभिन्न संगठनों ने भरी हुंकार
Updated Mon, 18 Jun 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने, (एससी/ एसटी एक्ट) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर अखिल भारतीय समानता मंच की अगुवाई में दो दर्जन से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों, सैकड़ाें कार्यकर्ताओं ने रविवार को परेड ग्राउंट से से रैली निकाली। रैली के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। रैली परेड ग्राउंड से शुरू होकर सर्वे चौक, तिब्बती मार्केट होते हुए पुन: परेड ग्राउंड पर समाप्त हुई ।
रैली का आयोजन अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव बीपी नौटियाल व उत्तराखंड अध्यक्ष बीबीएस रावत की अगुवाई में किया गया। रैली में दो दर्जन से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली समाप्त के बाद आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की आरक्षण नीतियों पर जमकर प्रहार किया। वक्ताओं ने आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि देश में नौकरियों के साथ पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू होने से घातक परिणाम सामने आएंगे। ऐसे में आरक्षण का लाभ सिर्फ जरूरतमंद, निर्धन को देने की जरूरत है। इसके अलावा आरक्षण व्यवस्था का आधार बदलने की जरूरत है। जो व्यक्ति पहले से ही आर्थिक रूप से संपन्न है उसे आरक्षण का लाभ देना उचित नहीं। इस दौरान केंद्र सरकार से पदोन्नति में आरक्षण का लाभ समाप्त करने की मांग भी रखी और 170 वें संविधान संशोधन को निरस्त किए जाने का मुद्दा उठाया।
इस दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम (एससी/ एसटी एक्ट) के दुरुपयोग का भी मुद्दा भी जोर शोर से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि एससी/ एसटी एक्ट की आड़ में लोगों का शोषण हो रहा है। ऐसे में सरकार को नए सिरे से विचार करना चाहिए। इस अधिनियम को लेकर अदालत पहले ही टिप्पणी कर चुकी है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। रैली में अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव बीपी नौटियाल, सचिव एलपी रतूड़ी, उत्तराखंड अध्यक्ष बीपीएस रावत, उपाध्यक्ष उर्मिला कठैत, संगठन सचिव गढ़वाल केएसरावत, उपाध्यक्ष एसबीएस देवरा, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय संयोजक एसपी चंदेल, ब्रिगेडियर केजी बहल, कर्नल एपी कुकरेती, गोर्खाली सुधार सभा के सूर्य विक्रम शाही, मोनू नेगी, डॉ. डीके शर्मा, यू टर्न संस्था, शक्ति कल्याण समिति, बार एसोसिएशन, बैंक एसोसिएशन, संयुक्त नागरिक मंच, संकल्प शिक्षण एवं कल्याण समिति, अमूल्य जीवन चैरिटेबल समिति, अखिल भारतीय गढ़वाल सभा, युवा शिवसेना शक्ति, चेतना मंच, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता शामिल थे।
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कवि हलधर से कविताओं से किया प्रहार
सम्मेलन के दौरान दिल्ली से आए कवि जसबीर हलधर ने कविताओं के माध्यम आरक्षण व्यवस्था और नौकरियों में पदोन्नति की व्यवस्थाओं पर करारा प्रहार किया और जमकर तालियां बटोरी। उन्होंने कविताओं के माध्यम संदेश दिया कि आरक्षण के चलते सामाजिक ताना-बाना कितना छिन्न-भिन्न हो रहा है।
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देहरादून। सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने, (एससी/ एसटी एक्ट) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर अखिल भारतीय समानता मंच की अगुवाई में दो दर्जन से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों, सैकड़ाें कार्यकर्ताओं ने रविवार को परेड ग्राउंट से से रैली निकाली। रैली के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। रैली परेड ग्राउंड से शुरू होकर सर्वे चौक, तिब्बती मार्केट होते हुए पुन: परेड ग्राउंड पर समाप्त हुई ।
रैली का आयोजन अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव बीपी नौटियाल व उत्तराखंड अध्यक्ष बीबीएस रावत की अगुवाई में किया गया। रैली में दो दर्जन से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली समाप्त के बाद आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की आरक्षण नीतियों पर जमकर प्रहार किया। वक्ताओं ने आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि देश में नौकरियों के साथ पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू होने से घातक परिणाम सामने आएंगे। ऐसे में आरक्षण का लाभ सिर्फ जरूरतमंद, निर्धन को देने की जरूरत है। इसके अलावा आरक्षण व्यवस्था का आधार बदलने की जरूरत है। जो व्यक्ति पहले से ही आर्थिक रूप से संपन्न है उसे आरक्षण का लाभ देना उचित नहीं। इस दौरान केंद्र सरकार से पदोन्नति में आरक्षण का लाभ समाप्त करने की मांग भी रखी और 170 वें संविधान संशोधन को निरस्त किए जाने का मुद्दा उठाया।
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इस दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम (एससी/ एसटी एक्ट) के दुरुपयोग का भी मुद्दा भी जोर शोर से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि एससी/ एसटी एक्ट की आड़ में लोगों का शोषण हो रहा है। ऐसे में सरकार को नए सिरे से विचार करना चाहिए। इस अधिनियम को लेकर अदालत पहले ही टिप्पणी कर चुकी है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। रैली में अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव बीपी नौटियाल, सचिव एलपी रतूड़ी, उत्तराखंड अध्यक्ष बीपीएस रावत, उपाध्यक्ष उर्मिला कठैत, संगठन सचिव गढ़वाल केएसरावत, उपाध्यक्ष एसबीएस देवरा, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय संयोजक एसपी चंदेल, ब्रिगेडियर केजी बहल, कर्नल एपी कुकरेती, गोर्खाली सुधार सभा के सूर्य विक्रम शाही, मोनू नेगी, डॉ. डीके शर्मा, यू टर्न संस्था, शक्ति कल्याण समिति, बार एसोसिएशन, बैंक एसोसिएशन, संयुक्त नागरिक मंच, संकल्प शिक्षण एवं कल्याण समिति, अमूल्य जीवन चैरिटेबल समिति, अखिल भारतीय गढ़वाल सभा, युवा शिवसेना शक्ति, चेतना मंच, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता शामिल थे।
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कवि हलधर से कविताओं से किया प्रहार
सम्मेलन के दौरान दिल्ली से आए कवि जसबीर हलधर ने कविताओं के माध्यम आरक्षण व्यवस्था और नौकरियों में पदोन्नति की व्यवस्थाओं पर करारा प्रहार किया और जमकर तालियां बटोरी। उन्होंने कविताओं के माध्यम संदेश दिया कि आरक्षण के चलते सामाजिक ताना-बाना कितना छिन्न-भिन्न हो रहा है।