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राशन के गोदाम में एक और गोलमाल उजागर
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राशन के गोदाम में एक और गोलमाल उजागर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खाद्य विभाग के गोदाम में एक और गोलमाल सामने आया है। बुधवार को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन ने गोदाम का निरीक्षण किया तो 10 क्विंटल राशन की गड़बड़ी पाई गई। इस पर सचिव ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एक माह के भीतर पूरे सिस्टम को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार दोपहर में केंद्रीय संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन निरीक्षण के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राशन के गोदाम में पहुंचे। उनके गोदाम में कदम रखते ही हड़कंप मच गया। हालांकि इसकी जानकारी पहले से ही होने पर अधिकारी सुबह से तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे थे, लेकिन जैसे ही संयुक्त सचिव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो गड़बड़ी उजागर हो गई। सबसे पहले उन्होंने राशन की आपूर्ति विभाग से सूची आने और गोदाम से उठान की जानकारी ली। जिसमें पता चला कि आपूर्ति निरीक्षकों की ओर से राशन डीलरों के लिए प्रतिमाह 17 टन गेहूं और चावल देने की सूची भेजी जाती है, लेकिन गोदाम के अधिकारी रिकॉर्ड में प्रतिमाह 18 टन राशन डीलरों को वितरित करते हैं। ऐसे में सवाल उठा कि एक टन राशन कहां जा रहा है? इसके बाद उन्होंने चालान की व्यवस्था का जायजा लिया। वहां भी ऑनलाइन व्यवस्था को दरकिनार करते हुए अधिकारी कागजों पर काम कर रहे हैं।
संयुक्त सचिव ने गोदाम में ट्रकों के जरिये आने वाले राशन की रसीदों की जांच की तो पता चला कि वहां भी हाथ से लिखकर रसीदें दी जाती हैं। इस पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने और ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा गोदाम में कई और खामियां नजर आईं। जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं इसके बाद संयुक्त सचिव ने भारुवाला, कारगी और कांवली रोड स्थित राशन की दुकानों का निरीक्षण किया।
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कई मामलों में अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई हैं। संबंधित अधिकारियों को तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में व्यवस्थाएं न सुधरी तो कार्रवाई की जाएगी।
- एस जगन्नाथन, संयुक्त सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग
पहले भी पकड़े गए बड़े गोलमाल
देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम में गत वर्ष नवंबर में भी बड़ा घोटाला पकड़ा गया था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। जिसमें गोदाम से गेहूं, चावल और चीनी के 10896 बोरे के गायब थे। इस मामले में प्रभारी रहे कैलाश चंद्र पांडे सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। इस मामले की जांच चल रही है। इससे पहले छह अगस्त को तौल कांटे में गड़बड़ी को लेकर राशन डीलरों और गोदाम के अधिकारी के बीच विवाद हो गया था। तब राशन डीलरों ने हर माह दो लाख क्विंटल राशन के गोलमाल का आरोप लगाया था। यह विवाद इतना बढ़ा था कि मामला थाने तक पहुंच गया था। यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके अलावा टर्नर रोड पर पुलिस ने 30 बोरे राशन पकड़ा था, जिसकी विभागीय जांच में लीपापोती कर दी गई थी। इसके बाद क्लेमेंटटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी आज तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खाद्य विभाग के गोदाम में एक और गोलमाल सामने आया है। बुधवार को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन ने गोदाम का निरीक्षण किया तो 10 क्विंटल राशन की गड़बड़ी पाई गई। इस पर सचिव ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एक माह के भीतर पूरे सिस्टम को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार दोपहर में केंद्रीय संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन निरीक्षण के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राशन के गोदाम में पहुंचे। उनके गोदाम में कदम रखते ही हड़कंप मच गया। हालांकि इसकी जानकारी पहले से ही होने पर अधिकारी सुबह से तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे थे, लेकिन जैसे ही संयुक्त सचिव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो गड़बड़ी उजागर हो गई। सबसे पहले उन्होंने राशन की आपूर्ति विभाग से सूची आने और गोदाम से उठान की जानकारी ली। जिसमें पता चला कि आपूर्ति निरीक्षकों की ओर से राशन डीलरों के लिए प्रतिमाह 17 टन गेहूं और चावल देने की सूची भेजी जाती है, लेकिन गोदाम के अधिकारी रिकॉर्ड में प्रतिमाह 18 टन राशन डीलरों को वितरित करते हैं। ऐसे में सवाल उठा कि एक टन राशन कहां जा रहा है? इसके बाद उन्होंने चालान की व्यवस्था का जायजा लिया। वहां भी ऑनलाइन व्यवस्था को दरकिनार करते हुए अधिकारी कागजों पर काम कर रहे हैं।
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संयुक्त सचिव ने गोदाम में ट्रकों के जरिये आने वाले राशन की रसीदों की जांच की तो पता चला कि वहां भी हाथ से लिखकर रसीदें दी जाती हैं। इस पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने और ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा गोदाम में कई और खामियां नजर आईं। जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं इसके बाद संयुक्त सचिव ने भारुवाला, कारगी और कांवली रोड स्थित राशन की दुकानों का निरीक्षण किया।
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कई मामलों में अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई हैं। संबंधित अधिकारियों को तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में व्यवस्थाएं न सुधरी तो कार्रवाई की जाएगी।
- एस जगन्नाथन, संयुक्त सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग
पहले भी पकड़े गए बड़े गोलमाल
देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम में गत वर्ष नवंबर में भी बड़ा घोटाला पकड़ा गया था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। जिसमें गोदाम से गेहूं, चावल और चीनी के 10896 बोरे के गायब थे। इस मामले में प्रभारी रहे कैलाश चंद्र पांडे सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। इस मामले की जांच चल रही है। इससे पहले छह अगस्त को तौल कांटे में गड़बड़ी को लेकर राशन डीलरों और गोदाम के अधिकारी के बीच विवाद हो गया था। तब राशन डीलरों ने हर माह दो लाख क्विंटल राशन के गोलमाल का आरोप लगाया था। यह विवाद इतना बढ़ा था कि मामला थाने तक पहुंच गया था। यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके अलावा टर्नर रोड पर पुलिस ने 30 बोरे राशन पकड़ा था, जिसकी विभागीय जांच में लीपापोती कर दी गई थी। इसके बाद क्लेमेंटटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी आज तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।