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फसल खरीदने के नाम पर बाग अपने नाम कराया
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
आम की फसल बेचने को लेकर एक व्यक्ति से कुछ लोगों ने धोखाधड़ी कर बाग का बैनामा अपने नाम करा लिया। पीड़ित ने पुलिस को मामले में तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने मामला सहारनपुर से जुड़ा बताकर पीड़ित को वापस लौटा दिया।
मतलबपुर निवासी जगदीश प्रसाद ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने मतलबपुर गांव की कृषि भूमि को बेच दिया था। भूमि बचने के बाद उसने 2007 में गांव बूबका मुजफ्फराबाद तहसील बेहट में करीब 42 बीघा का आम का बाग खरीदा था। जगदीश प्रसाद का कहना है कि मतलबपुर के कुछ लोगों ने उसे आम के बाग की फसल खरीदने की बात कही। इस पर वह राजी हो गया। इसके बाद वहीं लोग अपने साथ कुछ अन्य लोग लेकर पहुंचे और फसल का 12 लाख में सौदा तय कर दिया। इसके बाद 29 अगस्त को आरोपी उसे बाग की फसल के दस्तावेज तैयार कराने के लिए सहारनपुर ले गए और धोखाधड़ी कर बाग का बैनामा अपने नाम करा लिया। बाग की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। कोतवाल प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मामला सहारनपुर का होने के चलते दर्ज नहीं किया गया है।
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आम की फसल बेचने को लेकर एक व्यक्ति से कुछ लोगों ने धोखाधड़ी कर बाग का बैनामा अपने नाम करा लिया। पीड़ित ने पुलिस को मामले में तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने मामला सहारनपुर से जुड़ा बताकर पीड़ित को वापस लौटा दिया।
मतलबपुर निवासी जगदीश प्रसाद ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने मतलबपुर गांव की कृषि भूमि को बेच दिया था। भूमि बचने के बाद उसने 2007 में गांव बूबका मुजफ्फराबाद तहसील बेहट में करीब 42 बीघा का आम का बाग खरीदा था। जगदीश प्रसाद का कहना है कि मतलबपुर के कुछ लोगों ने उसे आम के बाग की फसल खरीदने की बात कही। इस पर वह राजी हो गया। इसके बाद वहीं लोग अपने साथ कुछ अन्य लोग लेकर पहुंचे और फसल का 12 लाख में सौदा तय कर दिया। इसके बाद 29 अगस्त को आरोपी उसे बाग की फसल के दस्तावेज तैयार कराने के लिए सहारनपुर ले गए और धोखाधड़ी कर बाग का बैनामा अपने नाम करा लिया। बाग की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। कोतवाल प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मामला सहारनपुर का होने के चलते दर्ज नहीं किया गया है।
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