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वन विकास निगमकर्मियों ने शुरू किया क्रमिक अनशन

Tue, 07 Aug 2018 02:28 AM IST
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:28 AM IST
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वन विकास निगमकर्मियों ने शुरू किया क्रमिक अनशन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड वन विकास निगम में सहायक लॉगिंग अधिकारी का पद खत्म कर उन्हें उप लॉगिंग अधिकारी बनाने और स्केलर संवर्ग के कर्मचारियों को 5,400 रुपये का ग्रेड पे देने समेत अन्य मांगों के समर्थन में लामबंद कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सोमवार को अनशन पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री हरदेव सिंह रावत ने कहा कि संगठन ने सहायक लॉगिंग अधिकारियों को उप लॉगिंग अधिकारी के पद पर समायोजित करने का प्रस्ताव वर्ष 2001 में शासन को भेजा था, लेकिन शासन ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। यहां तक की वर्ष 2016 में वन विकास निगम के पुनरीक्षित ढांचे में सहायक लॉगिंग अधिकारी के पद को पुनर्जीवित कर दिया गया। इसका संगठन हमेशा से विरोध करता रहा है। उपमहामंत्री नरदेव उनियाल ने कहा कि पूर्व प्रबंध निदेशक ने वेतनमान में भिन्नता को देखते हुए वर्ष 2017 में स्केलर संवर्ग के कर्मचारियों को 5,400 ग्रेड पे देने का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन प्रबंध निदेशक ने सेवानिवृत्त से चार दिन पूर्व अपने ही आदेश को निरस्त कर दिया। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
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संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष गिरीश नैथानी ने कहा कि वन विकास निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से संबंधित प्रस्ताव भेजकर ही इतिश्री कर ली जाती है। कर्मचारियों की मांगों को मनवाने के लिए शासन स्तर पर निगम प्रबंधन किसी भी तरह की पैरवी नहीं करता है। इस वजह से तमाम मांगें आज तक शासन स्तर पर लंबित है। मांगें नहीं स्वीकार किए जाने पर कर्मचारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है। धरने की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि आंदोलन को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो आंदोलन उग्र किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार, शासन एवं आला अफसरों की होगी। इस अवसर पर प्रांतीय महामंत्री गोकुल सिंह पंवार, सुदर्शन काला, विनोद बहुगुणा, एसएस बंगारी, शहजाद अली, देवीराम सेमवाल, राम प्रकाश, महावीर असवाल और वेद प्रकाश पाल समेत कई वक्ताओं ने आंदोलित उत्तराखंड वन विकास निगमकर्मियों को संबोधित किया।
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