फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   गोतीर्थाश्रम के भीतर धरने पर बैठे आंदोलनकारी

गोतीर्थाश्रम के भीतर धरने पर बैठे आंदोलनकारी

Mon, 26 Jun 2017 10:47 PM IST
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
गोतीर्थाश्रम के भीतर धरने पर बैठे आंदोलनकारी
श्रीनगर। कोर्ट के आदेश के बावजूद शराब विरोधी आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखा। आंदोलनकारी अब गोतीर्थाश्रम के भीतर धरने पर बैठ गए है। हालांकि गोतीर्थाश्रम भी 200 मीटर के दायरे में आता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें यहां धरना देने से कोई नहीं रोक सकता। मंगलवार को आंदोलनकारी कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन

शराब की दुकान के 200 मीटर के दायरे में धरना प्रदर्शन न किए जाने के मुंसिफ कोर्ट के आदेश के बावजूद आंदोलनकारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार को पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंच कर आंदोलनकारियों को कोर्ट के आदेश को पढ़ कर भी सुनाया था। तब आंदोलनकारियों ने उन्हें इस संबंध में नोटिस न मिलने की बात कह कर धरना प्रदर्शन हटाने से साफ इंकार कर दिया था। सोमवार को कोतवाल एनएस बिष्ट मय फोर्स धरना स्थल पर पहुंचे। एसएसआई जितेंद्र चौहान ने माइक से कोर्ट के आदेश का पालन किए जाने की बात कही। बाद में गोतीर्थाश्रम के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने पुलिस से कोर्ट का आदेश तामील किया। आदेश तामील करने के बाद आंदोलनकारी धरना स्थल से हटकर गोतीर्थाश्रम में चले गए। इस दौरान आंदोलनकारियों ने शराब विक्रेताओं व पुलिस को खूब खरी-खोटी भी सुनाई। समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने कहा कि कोर्ट के आदेश को मानते हुए उन्होंने शराब की दुकान के बाहर से धरना प्रदर्शन हटा दिया है। अब वह गोतीर्थाश्रम की गोशाला के भीतर शांतिपूर्वक बैठे हैं। मंगलवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद आंदोलन के संबंध में अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन

...............
पुलिस ने किया अमानवीय व्यवहार
श्रीनगर। शराब विरोधी आंदोलनकारियों ने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने कहा कि रविवार को सभी लोग शराब विरोधी पंचायत में थे। इसी दौरान पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचकर महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

...
आंदोलनकारी अभी कोर्ट के आदेश का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे है। कोर्ट के 200 मीटर दायरे में धरना नहीं देने के आदेश है। धरना स्थल से हटाने के बावजूद आंदोलनकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे है। कोर्ट मामले का संज्ञान लेगा।
एनएस बिष्ट, कोतवाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed