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कारगिल शहीदों की याद में लगाए पौधे
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धाद की ओर से आयोजित किए जा रहे एक माह के महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड बालिका विद्यालय में हरेला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन का संकल्प लिया। लोकगीतों और लोक नृत्य के जरिये उन्होंने राज्य की विशिष्ट लोक संस्कृति और गौरवशाली परंपरा का प्रदर्शन भी किया। अमर उजाला इस महोत्सव का मीडिया पार्टनर है।
विद्यालय में सबसे पहले कारगिल के शहीदों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनको श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद धाद के सदस्यों और छात्राओं ने उनकी स्मृति में पौधे लगाए। लोक कला केंद्र के धरम सिंह राणा, बिमला नेगी और रीता भंडारी एवं साथियों ने थड़िया गीतों पर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने कहा कि समाज और संस्कृति एक पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वह राजस्थान के निवासी हैं। अगर उनके यहां भी हरेला मनाया जाता तो शायद ज्यादा हरियाली होती। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर हिस्से में हरेला मनाया जाना चाहिए।
देश के लिए तीन युद्धों में भाग लेने वाले स्व. मेजर प्रबल सिंह भंडारी के पुत्र धर्मेंद्र सिंह भंडारी के आग्रह पर उनके पिता को मरणोपरांत हरेला साथी बनाया गया। साथ ही छात्रा नेहा, दिव्या, वर्षा, राखी, शालिनी, निकिता, अनु, आस्था, ईशा और खुशी को भी हरेला अंबेसडर बनाया गया। धाद के सचिव तन्मय ममगाईं ने कहा कि उत्तराखंड ने पर्यावरण के साथ ही देश सेवा के क्षेत्र में परचम लहराया है। सेना और देशप्रेम उत्तराखंड के लोक जीवन में रचे-बसे हैं। हर परिवार से सैनिक देने वाला राज्य हरियाली का भी संदेश दे रहा है।
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विद्यालय की प्रधानाचार्य निधि खंडूरी ने कहा कि हरेला के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को जहां लोक परंपराओं का ज्ञान मिलता है, वहीं पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने में मदद भी मिलती है। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक पूनम वर्मा, यशवंत सिंह, निशांत, प्रवीण कुमार, सतेंदर शाह, निधि चमोली, प्रीती सिंह, तुलसी बाला, रोशनी शर्मा, नमन जैन, कामना छाबड़ा, सिम्मी सिंह, कीर्ति भट्ट, शिवानी, पूनम क्षेत्री, कमलेश, अपूर्व, साकेत रावत, पुष्पा राणा, धर्म सिंह राणा, प्रशांत शिमौना, अनुपमा, अंजली समेत अन्य उपस्थित रहे।
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रविवार को हरेला वॉक में हों शामिल
एक माह के महोत्सव के अंतर्गत रविवार 28 जुलाई को हरेला वॉक का आयोजन किया जाएगा। सुबह सात बजे से बीटीडीटी के सहयोग से यात्रा आयोजित होगी। तन्वी चंद्र के संयोजन में गोल्डन फिश कांप्लेक्स, सब एरिया कैंटीन से गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज, मुख्यमंत्री आवास होते हुए यात्रा राजभवन पर समाप्त होगी। यात्रा के माध्यम से पहाड़ की लोक संस्कृति और हरेला का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सुबह सात से नौ बजे तक यात्रा आयोजित होगी। अधिक जानकारी के लिए 7830841278 और 9897868450 पर संपर्क करें।
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धाद की ओर से आयोजित किए जा रहे एक माह के महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड बालिका विद्यालय में हरेला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन का संकल्प लिया। लोकगीतों और लोक नृत्य के जरिये उन्होंने राज्य की विशिष्ट लोक संस्कृति और गौरवशाली परंपरा का प्रदर्शन भी किया। अमर उजाला इस महोत्सव का मीडिया पार्टनर है।
विद्यालय में सबसे पहले कारगिल के शहीदों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनको श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद धाद के सदस्यों और छात्राओं ने उनकी स्मृति में पौधे लगाए। लोक कला केंद्र के धरम सिंह राणा, बिमला नेगी और रीता भंडारी एवं साथियों ने थड़िया गीतों पर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने कहा कि समाज और संस्कृति एक पर्व के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वह राजस्थान के निवासी हैं। अगर उनके यहां भी हरेला मनाया जाता तो शायद ज्यादा हरियाली होती। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर हिस्से में हरेला मनाया जाना चाहिए।
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देश के लिए तीन युद्धों में भाग लेने वाले स्व. मेजर प्रबल सिंह भंडारी के पुत्र धर्मेंद्र सिंह भंडारी के आग्रह पर उनके पिता को मरणोपरांत हरेला साथी बनाया गया। साथ ही छात्रा नेहा, दिव्या, वर्षा, राखी, शालिनी, निकिता, अनु, आस्था, ईशा और खुशी को भी हरेला अंबेसडर बनाया गया। धाद के सचिव तन्मय ममगाईं ने कहा कि उत्तराखंड ने पर्यावरण के साथ ही देश सेवा के क्षेत्र में परचम लहराया है। सेना और देशप्रेम उत्तराखंड के लोक जीवन में रचे-बसे हैं। हर परिवार से सैनिक देने वाला राज्य हरियाली का भी संदेश दे रहा है।
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विद्यालय की प्रधानाचार्य निधि खंडूरी ने कहा कि हरेला के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को जहां लोक परंपराओं का ज्ञान मिलता है, वहीं पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने में मदद भी मिलती है। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक पूनम वर्मा, यशवंत सिंह, निशांत, प्रवीण कुमार, सतेंदर शाह, निधि चमोली, प्रीती सिंह, तुलसी बाला, रोशनी शर्मा, नमन जैन, कामना छाबड़ा, सिम्मी सिंह, कीर्ति भट्ट, शिवानी, पूनम क्षेत्री, कमलेश, अपूर्व, साकेत रावत, पुष्पा राणा, धर्म सिंह राणा, प्रशांत शिमौना, अनुपमा, अंजली समेत अन्य उपस्थित रहे।
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रविवार को हरेला वॉक में हों शामिल
एक माह के महोत्सव के अंतर्गत रविवार 28 जुलाई को हरेला वॉक का आयोजन किया जाएगा। सुबह सात बजे से बीटीडीटी के सहयोग से यात्रा आयोजित होगी। तन्वी चंद्र के संयोजन में गोल्डन फिश कांप्लेक्स, सब एरिया कैंटीन से गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज, मुख्यमंत्री आवास होते हुए यात्रा राजभवन पर समाप्त होगी। यात्रा के माध्यम से पहाड़ की लोक संस्कृति और हरेला का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सुबह सात से नौ बजे तक यात्रा आयोजित होगी। अधिक जानकारी के लिए 7830841278 और 9897868450 पर संपर्क करें।