{"_id":"5b2ffc784f1c1bf96e8b9e00","slug":"161529871480-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैता की चैत्वाली के रंग में रंगा तेलंगाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैता की चैत्वाली के रंग में रंगा तेलंगाना
Updated Mon, 25 Jun 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड में धूम मचाने के बाद चैता की चैत्वाली गीत का अंदाज अब तेलंगाना में हिट हो रहा है। इस गीत को तेलगू भाषा में तेलंगाना के कलाकारों ने तैयार किया है। अभी तक इस गीत को 50 लाख से ज्यादा हिट्स मिल चुके हैं। उधर, उत्तराखंड के कलाकारों ने बिना इजाजत गीत का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है।
उत्तराखंड में मूल लेखक स्व. केशव अनुरागी व लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही ने चैता की चैत्वाली को दशकों पहले ठेठ जागर शैली में तैयार किया था। मूल जागर को युवा गायक अमित सागर ने गत वर्ष नए सिरे से संगीत में ढालकर प्रस्तुत किया। पहले ऑडियो व उसके बाद जारी वीडियो को यूट्यूब पर एक करोड़ प्रशंसक देख चुके हैं। गीत की लोकप्रियता का आलम ये है कि अब इसकी धमक तेलंगाना राज्य तक पहुंच गई है। तेलंगाना के स्थानीय कलाकारों ने इस गीत की धुन को हुबहू उठाकर तेलगू में तैयार किया है। यूट्यूब पर अपलोड करने के बाद से तेलगू वर्जन को पचास लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। वीडियो में इसे तेलंगाना स्थापना दिवस गीत के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इस गीत को तेलगू में स्थानीय गायक जांगी रेड्डी व मांगली ने स्वर दिए हैं। संगीत नंदन राज बाबीली व बोल डॉ. कंडीकेंडा का है। वीडियो के निर्माता अपी रेड्डी, निर्देशक दामु रेड्डी कोसानाम हैं। वीडियो में तेलंगाना राज्य के प्रमुख स्थल, हैदराबाद की चारमीनार, अन्य पर्यटक व धार्मिक स्थल दिखाए गए हैं। वीडियो में तेलंगाना टूरिज्म का नाम व प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल भी किया गया है। चैता की चैत्वाली के नए स्वरूप पर कलाकार अमित सागर का कहना है कि यह गीत उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत है। अन्य कलाकारों द्वारा इसे हुबहू कॉपी करना प्रशंसनीय है, लेकिन उत्तराखंड के कलाकारों को क्रेडिट भी दें। अमित सागर ने गीत की मूल धुन चुराने पर आपत्ति भी जताई है।
विज्ञापन
उत्तराखंड में धूम मचाने के बाद चैता की चैत्वाली गीत का अंदाज अब तेलंगाना में हिट हो रहा है। इस गीत को तेलगू भाषा में तेलंगाना के कलाकारों ने तैयार किया है। अभी तक इस गीत को 50 लाख से ज्यादा हिट्स मिल चुके हैं। उधर, उत्तराखंड के कलाकारों ने बिना इजाजत गीत का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है।
उत्तराखंड में मूल लेखक स्व. केशव अनुरागी व लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही ने चैता की चैत्वाली को दशकों पहले ठेठ जागर शैली में तैयार किया था। मूल जागर को युवा गायक अमित सागर ने गत वर्ष नए सिरे से संगीत में ढालकर प्रस्तुत किया। पहले ऑडियो व उसके बाद जारी वीडियो को यूट्यूब पर एक करोड़ प्रशंसक देख चुके हैं। गीत की लोकप्रियता का आलम ये है कि अब इसकी धमक तेलंगाना राज्य तक पहुंच गई है। तेलंगाना के स्थानीय कलाकारों ने इस गीत की धुन को हुबहू उठाकर तेलगू में तैयार किया है। यूट्यूब पर अपलोड करने के बाद से तेलगू वर्जन को पचास लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। वीडियो में इसे तेलंगाना स्थापना दिवस गीत के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इस गीत को तेलगू में स्थानीय गायक जांगी रेड्डी व मांगली ने स्वर दिए हैं। संगीत नंदन राज बाबीली व बोल डॉ. कंडीकेंडा का है। वीडियो के निर्माता अपी रेड्डी, निर्देशक दामु रेड्डी कोसानाम हैं। वीडियो में तेलंगाना राज्य के प्रमुख स्थल, हैदराबाद की चारमीनार, अन्य पर्यटक व धार्मिक स्थल दिखाए गए हैं। वीडियो में तेलंगाना टूरिज्म का नाम व प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल भी किया गया है। चैता की चैत्वाली के नए स्वरूप पर कलाकार अमित सागर का कहना है कि यह गीत उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत है। अन्य कलाकारों द्वारा इसे हुबहू कॉपी करना प्रशंसनीय है, लेकिन उत्तराखंड के कलाकारों को क्रेडिट भी दें। अमित सागर ने गीत की मूल धुन चुराने पर आपत्ति भी जताई है।
विज्ञापन