फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   बारिश के तीन महीने गांवों में कैद हो जाती है 10 हजार की आबादी

बारिश के तीन महीने गांवों में कैद हो जाती है 10 हजार की आबादी

Thu, 14 Mar 2019 01:06 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
बारिश के तीन महीने गांवों में कैद हो जाती है 10 हजार की आबादी
नदी पर बना पुल टूटा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर

विज्ञापन


रुद्रपुर क्षेत्र से बहने वाली बरसाती गौना नदी पर पुल नहीं होने से करीब दस हजार की आबादी के लिए बरसात के तीन महीने काटना मुश्किल हो जाता है। अधिकांश ग्रामीण गांवों में ही कैद होकर रह जाते हैं। जबकि, छात्रों को राजकीय इंटर कॉलेज सोरना डोभरी तक पहुंचने के लिए हर रोज जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को पार करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके सरकारी स्तर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दो वर्ष पूर्व नदी पार करते हुए सोरना निवासी एक व्यक्ति की बहकर मौत भी चुकी है। इसके चलते हर बरसात में ग्रामीणों को गांव में ही कैद होने पर मजबूर होना पड़ता है।

विकासनगर कस्बे को रुद्रपुर क्षेत्र के सोरना, डोभरी, बड़वा, गोडरिया, होरावाला, रजौली, कोठड़ा, कोटी, ढलानी आदि गांवों को जोड़ने वाले रुद्रपुर-डोभरी मार्ग पर बरसाती गौना नदी पड़ती है। बरसात के तीन महीने नदी का उफान स्थानीय बाशिंदों की रुह कंपा देता है। नदी के उफान पर रहने से यहां वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती है। इससे ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित होती है। खासकर ग्रामीण छात्रों को कई घंटे नदी किनारे बैठकर उफान कम होने का इंतजार करना पड़ता है। किसी ग्रामीण के बीमार होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए चालीस किमी की अतिरिक्त दूरी नापकर सहसपुर होकर विकासनगर आना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीण संजय प्रजापति, मोहर सिंह, नकलीराम, प्रमोद कुमार, रोशनी नेगी, संतोष कुमार ने बताया कि नदी पर पुल निर्माण के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। लेकिन, ग्रामीणों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विज्ञापन


गौना नदी हर बरसात में ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनती है। नदी के उफान पर रहने से तीन महीनों तक अधिकांश लोग अपने सगे संबंधियों का हाल चाल जानने के लिए भी नहीं जा सकते हैं। क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से कई बार नदी पर पुल निर्माण की मांग की जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अमिता प्रजापति, डोभरी

पुल नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ती हैं। महिलाएं व बच्चे नियमित टीकाकरण के लिए समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। साथ ही कई बार महिलाओं को गांव में ही प्रसव कराना पड़ता है।
- कुसुम, बड़वा

हर बरसात नदी का उफान ग्रामीणों के लिए मुसीबत लेकर आता है। ग्रामीणों का संपर्क तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से कट जाता है। गांव में किसी के बीमार पड़ने पर लोगों को कई किमी की दूरी नापकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है।

- नीरज कुकरेती, डोभरी

गौना नदी पर पुल निर्माण की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। नदी पर पुल नहीं होने से बरसात के तीन महीने ग्रामीण छात्रों के सामने स्कूल जाने का संकट पैदा हो जाता है। बच्चों के घर पहुंचने तक अभिभावकों को भी डर के साए में रहना पड़ता है।
- सुभाष, डोभरी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed