{"_id":"5bfc28c2bdec2241bc2377ef","slug":"154325220814-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनासू और चिलगढ़ तल्ला के काश्तकारों ने जताई असहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनासू और चिलगढ़ तल्ला के काश्तकारों ने जताई असहमति
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। विकासखंड कोट के अंतर्गत ग्राम पंचायत जनासू के काश्तकारों ने बिना मुआवजा राशि बढ़े रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन देने से फिर इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें मुआवजा राशि बढ़ाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक वह जमीन का कब्जा नहीं देंगे।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना निर्माण के लिए विभिन्न स्थानों में भूमि अधिग्रहित की जा रही है। मुआवजे को बहुत कम बताते हुए पौड़ी जिले में प्रभावित काश्तकार रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। हालांकि शासन की ओर से काफी समय पूर्व भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। मामले को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन और रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने जनासू और चिलगढ़ तल्ला के ग्रामीणों के साथ बैठक की, लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बन पाई। ग्राम प्रधान जनासू सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान शांति लिंगवाल, कलम सिंह, धमेंद्र सिंह और नरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि समस्त ग्रामीणों ने उचित मुआवजा न मिलने तक काम न करने देने का निर्णय लिया है। इधर, अपर जिलाधिकारी शर्मा ने बताया कि मुआवजा प्रकरण ट्रिब्यूनल में गया है। जमीन अधिग्रहित हो चुकी है। टिहरी के गांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। इसलिए वहां सर्किल रेट ज्यादा हैं।
विज्ञापन
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना निर्माण के लिए विभिन्न स्थानों में भूमि अधिग्रहित की जा रही है। मुआवजे को बहुत कम बताते हुए पौड़ी जिले में प्रभावित काश्तकार रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। हालांकि शासन की ओर से काफी समय पूर्व भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। मामले को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन और रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने जनासू और चिलगढ़ तल्ला के ग्रामीणों के साथ बैठक की, लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बन पाई। ग्राम प्रधान जनासू सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान शांति लिंगवाल, कलम सिंह, धमेंद्र सिंह और नरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि समस्त ग्रामीणों ने उचित मुआवजा न मिलने तक काम न करने देने का निर्णय लिया है। इधर, अपर जिलाधिकारी शर्मा ने बताया कि मुआवजा प्रकरण ट्रिब्यूनल में गया है। जमीन अधिग्रहित हो चुकी है। टिहरी के गांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। इसलिए वहां सर्किल रेट ज्यादा हैं।
विज्ञापन