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लंदन और हॉगकॉग में गूंजा किंगरी का झाला घुघूती...
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:44 PM IST
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गोपेश्वर। लंदन और हांगकांग में भी लोक गायक किशन महिपाल के गीतों की धूम मची। देवभूमि उत्तराखंड एसोसिएशन की ओर से लंदन और हांगकांग में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किशन महिपाल ने किंगरी का झाला घुघूती... गीत से प्रवासी भारतीयों का दिल जीत लिया। उन्होंने एक के बाद एक गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक दीर्घा में बैठे सभी लोग जमकर थिरके।
लंदन में इंडिया क्लब में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। किशन महिपाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्ण जागर से किया। इसके बाद उन्होंने किंगरी का झाला घुघूती, पंगरी का डाला घुघूती..., स्यारी बंपाली..., फ्यूंलड़िया त्वे देखिक..., सोबनी बाना..., ओ भाना रंगीली भाना..., रानीखेता रामढोला..., टिहरी बाजार की रौनक..., सेमन्या बौजी..., रश्मि छोरी पौड़ीखाल की..., डांडा चली जोला मेरी सुरीमा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। लंदन में रह रहे चमोली के मानवेंद्र सिंह, मनोज और भीम सिंह का कहना है कि उत्तराखंड के रीति-रिवाज, बोली-भाषा और संस्कृति को लोक गायकों ने नई पहचान दी है। हांगकांग के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में किशन महिपाल के फ्यूंलड़िया त्वै देखिक... गीत की प्रस्तुति पर दर्शक मंच पर आकर ही थिरकने लगे। करीब तीन घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम को सभी प्रवासियों ने खूब सराहा। लोक गायक किशन महिपाल ने बताया कि लंदन में उनका यह दूसरी बार का कार्यक्रम था। देवभूमि उत्तराखंड एसोसिएशन की ओर से प्रतिवर्ष लोक गायकों को आमंत्रित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है।
लंदन में इंडिया क्लब में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। किशन महिपाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्ण जागर से किया। इसके बाद उन्होंने किंगरी का झाला घुघूती, पंगरी का डाला घुघूती..., स्यारी बंपाली..., फ्यूंलड़िया त्वे देखिक..., सोबनी बाना..., ओ भाना रंगीली भाना..., रानीखेता रामढोला..., टिहरी बाजार की रौनक..., सेमन्या बौजी..., रश्मि छोरी पौड़ीखाल की..., डांडा चली जोला मेरी सुरीमा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। लंदन में रह रहे चमोली के मानवेंद्र सिंह, मनोज और भीम सिंह का कहना है कि उत्तराखंड के रीति-रिवाज, बोली-भाषा और संस्कृति को लोक गायकों ने नई पहचान दी है। हांगकांग के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में किशन महिपाल के फ्यूंलड़िया त्वै देखिक... गीत की प्रस्तुति पर दर्शक मंच पर आकर ही थिरकने लगे। करीब तीन घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम को सभी प्रवासियों ने खूब सराहा। लोक गायक किशन महिपाल ने बताया कि लंदन में उनका यह दूसरी बार का कार्यक्रम था। देवभूमि उत्तराखंड एसोसिएशन की ओर से प्रतिवर्ष लोक गायकों को आमंत्रित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है।
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