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एम्स ऋषिकेश के बेहतर कार्य से दिल्ली एम्स का भार 30 प्रतिशत कम हुआ: त्रिवेन्द्र

Tue, 13 Nov 2018 02:08 AM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 02:08 AM IST
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एम्स ऋषिकेश के बेहतर कार्य से दिल्ली एम्स का भार 30 प्रतिशत कम हुआ: त्रिवेन्द्र
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। देश के बाकी एम्स की तुलना में ऋषिकेश यूनिट चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ऋषिकेश एम्स के खुलने से दिल्ली एम्स का 30 प्रतिशत मरीजों का भार कम हुआ है। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित चार दिवसीय नॉटकान-66 का उद्घाटन करने के बाद कही।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को उत्तराखंड की संस्कृति रास आयेगी। मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए गंगा किनारे बसा यह एम्स यादगार साबित होगा। नॉटकान-66 के वार्षिक अधिवेशन से भावी चिकित्सकों को काफी मदद मिलेगी। उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, यहां विषम परिस्थितियां रहती हैं। सरकार शीघ्र ही राज्य में एयर एंबुलेंस की शुरूआत करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के सभी एम्स की अपेक्षा में ऋषिकेश एम्स बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
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यहां कम समय में 900 बेड की ओपीडी स्थापित हुई है। ब्रेस्ट कैंसर, रोबोटिक सर्जरी जैसी अन्य सुविधाओं के होने से दिल्ली एम्स में मरीजों का भार कम हुआ है। यह पहला एम्स है जहां से लोगों को आयुष्मान योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुये कहा कि राज्य में आपदा के समय एम्स ऋषिकेश ने निशुल्क सुविधाएं दी हैं।
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700 चिकित्सकों का होगा जमावड़ा
एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि एनाटॉमिकल सोसाइटी आफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय नॉटकान-66 के वार्षिक अधिवेशन में देश-विदेश के करीब 700 चिकित्सक शिरकत करेंगे। इस दौरान करीब चार सौ शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। अधिवेशन के उद्घाटन मौके पर नेशनल एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत घटक, एम्स में सीएसआर डीन प्रो. बृजेन्द्र सिंह, प्रो. जीआई लोंगिया, डीन एकेडेमिक डॉ. सुरेखा किशोर, डॉ. सतीश रवि मंच पर मौजूद रहे।

मेडिकल पाठ्यक्रमों में हो बदलाव
अधिवेशन के पहले दिन एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि एनाटॉमिकल व मेडिकल शिक्षा को नई तरह से आगे बढ़ाने की जरूरत है। एम्स ऋषिकेश की ओर से इसकी पहल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में हर चार वर्ष पर बदलाव होना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारियों और शोध कार्यों का लाभ मिल सकेगा। इस दौरान नॉटकान-66 स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इससे पूर्व एम्स के निदेेशक प्रो. रविकांत ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और गंगा कलश देकर सम्मानित किया।


डॉ. वीआर काटे को लाइफ टाइम अचीवमेंट
ऋषिकेश। एम्स में आयोजित नेटकान-66 के उद्घाटन अवसर पर एनाटमी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान पर कई विशेषज्ञों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान डॉ. वीआर काटे को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा डॉ. कुसुम गांधी, डॉ. एडी मोमिन, डॉ. सुगंधि रावी, डॉ. रुचिका सेठी, डॉ. संचिता राय, डॉ. पूर्वी गुप्ता, डॉ. संकट मोचन, डॉ. अंजली, डॉ. मुख्तियास हुसैन, डॉ. मैत्री नंदीकर, डॉ. सुदर्शन मजूमदार को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए मेडल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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