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बेटे के इलाज के लिए भटक रहा दिव्यांग बाप
Updated Thu, 08 Nov 2018 10:53 PM IST
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जोशीमठ। दाणमी गांव का दिव्यांग मनोहर सिंह अपने बेटे अरविंद के इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। अरविंद नेक्रोसेटिक सेरकोसिस (गोभी का कीड़ा दिमाग में घुसना) बीमारी से पीड़ित है और दिन प्रतिदिन मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। उसके इलाज के लिए दो लाख की दरकार है, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पिता उसका इलाज नहीं करा पा रहा है।
अरविंद के पिता मनोहर एक हादसे में वर्ष 2016 में दोनों पांवों से दिव्यांग हो गए थे। बेटा अरविंद (19) पॉलीटेक्निक कुलसारी (चमोली) में सिविल ट्रेड की पढ़ाई कर रहा है लेकिन कुछ समय से वह मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। मनोहर ने बताया कि सितंबर माह में उसके चाचा मुरली सिंह ने उसे राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में दिखवाया तो जांच में उसके दिमाग में गोभी का कीड़ा घुस जाने की बात सामने आई। मनोहर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन हादसे के बाद से अरविंद के चाचा मुरली ही उनके परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जसवंत लाल ने स्वयं सेवी संगठनों से अरविंद के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।
कोट
गोभी खाने से उसका कीड़ा दिमाग में घुस जाता है और मरीज नेक्रोसेटिक सेरकोसिस बीमारी से पीड़ित हो जाता है। अरविंद भी इसी बीमारी से पीड़ित हैं। दवाइयां खाने से कीड़ा मर जाता है और इलाज लंबा चलता है। अरविंद के इलाज के लिए करीब दो लाख का खर्चा आएगा। इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को चाउमीन का सेवन कम कर पत्ता गोभी को अच्छे ढंग से धोने के बाद ही उसे पकाना चाहिए। - डा. तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ, चमोली।
अरविंद के पिता मनोहर एक हादसे में वर्ष 2016 में दोनों पांवों से दिव्यांग हो गए थे। बेटा अरविंद (19) पॉलीटेक्निक कुलसारी (चमोली) में सिविल ट्रेड की पढ़ाई कर रहा है लेकिन कुछ समय से वह मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। मनोहर ने बताया कि सितंबर माह में उसके चाचा मुरली सिंह ने उसे राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में दिखवाया तो जांच में उसके दिमाग में गोभी का कीड़ा घुस जाने की बात सामने आई। मनोहर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन हादसे के बाद से अरविंद के चाचा मुरली ही उनके परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जसवंत लाल ने स्वयं सेवी संगठनों से अरविंद के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।
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गोभी खाने से उसका कीड़ा दिमाग में घुस जाता है और मरीज नेक्रोसेटिक सेरकोसिस बीमारी से पीड़ित हो जाता है। अरविंद भी इसी बीमारी से पीड़ित हैं। दवाइयां खाने से कीड़ा मर जाता है और इलाज लंबा चलता है। अरविंद के इलाज के लिए करीब दो लाख का खर्चा आएगा। इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को चाउमीन का सेवन कम कर पत्ता गोभी को अच्छे ढंग से धोने के बाद ही उसे पकाना चाहिए। - डा. तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ, चमोली।
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