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सरकारी स्कूलों की उपेक्षा पर आंदोलन करेगी आइसा
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:16 PM IST
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श्रीनगर। सरकारी परियोजना के तहत मिली धनराशि से निजी स्कूलों के छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण कराए जाने के विवि के निर्णय पर आइसा छात्र संगठन ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आइसा ने चेतावनी दी है कि यदि विवि ने अपना निर्णय नहीं बदला तो आंदोलन किया जाएगा।
केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से संचालित हिमालयी अध्ययन मिशन परियोजना के तहत शहर के दो नामी निजी स्कूलों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जा रहा है। गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप शोध केंद्र ने बनियाकुंड चोपता (रुद्रप्रयाग) में नेचर इंटरप्रिटेशन स्थल व जर्मप्लाज केंद्र विकसित किया है। हिमालयी अध्ययन मिशन परियोजना के तहत स्कूली छात्रों को इस केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाना है। विवि के हैप्रेक संस्थान ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए शहर के दो नामी निजी स्कूलों के 80 छात्रों का चयन किया है। इस पर आइसा छात्र संगठन ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आइसा की नगर अध्यक्ष शिवानी पांडे ने कहा कि नैतिकता के आधार पर सरकारी पैंसों से सरकारी विद्यालयों के छात्रों को ही शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से संचालित हिमालयी अध्ययन मिशन परियोजना के तहत शहर के दो नामी निजी स्कूलों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जा रहा है। गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप शोध केंद्र ने बनियाकुंड चोपता (रुद्रप्रयाग) में नेचर इंटरप्रिटेशन स्थल व जर्मप्लाज केंद्र विकसित किया है। हिमालयी अध्ययन मिशन परियोजना के तहत स्कूली छात्रों को इस केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाना है। विवि के हैप्रेक संस्थान ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए शहर के दो नामी निजी स्कूलों के 80 छात्रों का चयन किया है। इस पर आइसा छात्र संगठन ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। आइसा की नगर अध्यक्ष शिवानी पांडे ने कहा कि नैतिकता के आधार पर सरकारी पैंसों से सरकारी विद्यालयों के छात्रों को ही शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाना चाहिए।
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