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विवि प्रतिनिधि का निर्वाचन रद्द करने की मांग पर छात्रों ने आमरण अनशन किया शुरु
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:32 PM IST
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पोखरी। पीजी कॉलेज पोखरी में छात्र संघ विवि प्रतिनिधि के निर्वाचन को रद्द करने की मांग के लिए चल रहा छात्रों का क्रमिक धरना आमरण अनशन में तब्दील हो गया। छात्रों ने कहा कि विवि प्रतिनिधि का अभी तक परीक्षा परिणाम ही घोषित नहीं हुआ है, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन की ओर से अवैध रूप से शपथ पत्र के आधार पर उन्हें छात्र संघ चुनाव में शामिल किया गया।
महाविद्यालय परिसर में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संदीप बर्तवाल, अनूप नेगी, अभिषेक बर्तवाल, प्रशांत, पंकज और अमित मसवाल ने आमरण अनशन शुरू किया। अनशनकारी छात्रों ने कहा कि आठ सितंबर को हुए छात्र संघ चुनाव में विवि प्रतिनिधि पद के लिए छात्र रविंद्र ने नामांकन कराया था और उसने जीत दर्ज की थी लेकिन अभी तक उसका बीए प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। इसके बावजूद शपथ पत्र के आधार पर उसे चुनाव में शामिल किया गया, जो लिंगदोह कमेटी के विरुद्ध है। छात्र संघ निर्वाचन अधिकारी डा. नंद किशोर चमोला का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि से परीक्षा परिणाम महाविद्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है। जब तक रिजल्ट नहीं आता तब तक महाविद्यालय प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। शनिवार को तहसीलदार आरके सुयाल तथा कानूनगो मदन लाल ने आंदोलनरत छात्रों से वार्ता की, लेकिन उन्होंने निर्वाचन रद्द करने के बाद ही आंदोलन स्थगित करने का एलान किया है।
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महाविद्यालय परिसर में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संदीप बर्तवाल, अनूप नेगी, अभिषेक बर्तवाल, प्रशांत, पंकज और अमित मसवाल ने आमरण अनशन शुरू किया। अनशनकारी छात्रों ने कहा कि आठ सितंबर को हुए छात्र संघ चुनाव में विवि प्रतिनिधि पद के लिए छात्र रविंद्र ने नामांकन कराया था और उसने जीत दर्ज की थी लेकिन अभी तक उसका बीए प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। इसके बावजूद शपथ पत्र के आधार पर उसे चुनाव में शामिल किया गया, जो लिंगदोह कमेटी के विरुद्ध है। छात्र संघ निर्वाचन अधिकारी डा. नंद किशोर चमोला का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि से परीक्षा परिणाम महाविद्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है। जब तक रिजल्ट नहीं आता तब तक महाविद्यालय प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। शनिवार को तहसीलदार आरके सुयाल तथा कानूनगो मदन लाल ने आंदोलनरत छात्रों से वार्ता की, लेकिन उन्होंने निर्वाचन रद्द करने के बाद ही आंदोलन स्थगित करने का एलान किया है।
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