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जान जोखिम में रखकर स्कूल जा रहे हैं कड़ाकोट के 100 से अधिक बच्चे
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:44 PM IST
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कर्णप्रयाग। उत्तरीकड़ाकोट पट्टी के दस से अधिक गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में रखकर आवागमन कर रहे हैं। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से चार से अधिक गांवों के 100 से अधिक बच्चे जान जोखिम में रखकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण हरीश जोशी, सुशील कांति, जगत सिंह आदि का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा में चिरखून के घट गदेरे में पुलिया बह गई थी, जिसके बाद यहां जिला पंचायत द्वारा 40 लाख का पुल बनाया गया। लोनिवि ने वर्ष 2017-18 में यहां पांच लाख का एप्रोच मार्ग बनाया, लेकिन पिछले सप्ताह पुल का एप्रोच मार्ग बह गया। जिससे जीआईसी कोठली जाने वाले चिरखून, कफारतीर, जाख पाट्यूं और सेंज से 100 से अधिक बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। यही नहीं कोठली, सुनभि, भटियाणा, केदारकोट, कोट सहित आसपास के दस से अधिक गांवों के लोग नारायणबगड़ आनेजाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते थे। ईई विजय कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीण हरीश जोशी, सुशील कांति, जगत सिंह आदि का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा में चिरखून के घट गदेरे में पुलिया बह गई थी, जिसके बाद यहां जिला पंचायत द्वारा 40 लाख का पुल बनाया गया। लोनिवि ने वर्ष 2017-18 में यहां पांच लाख का एप्रोच मार्ग बनाया, लेकिन पिछले सप्ताह पुल का एप्रोच मार्ग बह गया। जिससे जीआईसी कोठली जाने वाले चिरखून, कफारतीर, जाख पाट्यूं और सेंज से 100 से अधिक बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। यही नहीं कोठली, सुनभि, भटियाणा, केदारकोट, कोट सहित आसपास के दस से अधिक गांवों के लोग नारायणबगड़ आनेजाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते थे। ईई विजय कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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