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विद्यालय के बाद घर में निशुल्क पढातें है बच्चों को संजेश
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:48 PM IST
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राजेश भट्ट
देवप्रयाग। जीआईसी सजवाण कांडा में सहायक अध्यापक गणित के पद पर तैनात संजेश रतूड़ी के प्रयासों ने लोगों को सरकारी स्कूल के प्रति नजरिए बदलने पर मजबूर कर दिया। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए वह हर समय अलग-अलग तरह के प्रयोग करते है।
जीआईसी सजवाण कांडा में सहायक अध्यापक गणित के पद पर तैनात संजेश रतूड़ी वर्षों से छात्रों को स्कूल के बाद घर पर निशुल्क पढ़ा रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न हो इसके लिए संजेश ने गांव में ही कमरा लिया हुआ है। जब जीआईसी सजवाण कांडा हाईस्कूल था तो उस दौरान संजेश पर प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी भी थी। सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष भद्री का कहना है प्रभारी प्रधानाचार्य रहने के दौरान संजेश ने विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए काफी मेहनत की। वर्ष 2015-16 में विद्यालय का उच्चीकरण के बाद जीआईसी हो गया। वर्तमान मे यहां 159 छात्र अध्ययनरत हैं। नक्षत्र वेधशाला संचालक आचार्य भाष्कर जोशी का कहना संजेश रतूड़ी जैसे निष्ठावान और समर्पित शिक्षक वर्तमान समय में कम दिखते हैं। जो अपने विद्यार्थियों को योग्य बनाने के लिए हर संभव प्रयत्न करते है। कहना है की रतूड़ी की नियुक्ति के बाद से छात्र छात्राओं की प्रतिभा निखरी है। जबकि क्षेत्र पंचायत रजनी टोडरिया का कहना है कि ग्रामीण आंचल में बालिकाओं की शिक्षा के प्रति उनके अभिभावकों को प्रेरित करने में रतूड़ी अहम भूमिका निभा रहे है।
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देवप्रयाग। जीआईसी सजवाण कांडा में सहायक अध्यापक गणित के पद पर तैनात संजेश रतूड़ी के प्रयासों ने लोगों को सरकारी स्कूल के प्रति नजरिए बदलने पर मजबूर कर दिया। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए वह हर समय अलग-अलग तरह के प्रयोग करते है।
जीआईसी सजवाण कांडा में सहायक अध्यापक गणित के पद पर तैनात संजेश रतूड़ी वर्षों से छात्रों को स्कूल के बाद घर पर निशुल्क पढ़ा रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न हो इसके लिए संजेश ने गांव में ही कमरा लिया हुआ है। जब जीआईसी सजवाण कांडा हाईस्कूल था तो उस दौरान संजेश पर प्रभारी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी भी थी। सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष भद्री का कहना है प्रभारी प्रधानाचार्य रहने के दौरान संजेश ने विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए काफी मेहनत की। वर्ष 2015-16 में विद्यालय का उच्चीकरण के बाद जीआईसी हो गया। वर्तमान मे यहां 159 छात्र अध्ययनरत हैं। नक्षत्र वेधशाला संचालक आचार्य भाष्कर जोशी का कहना संजेश रतूड़ी जैसे निष्ठावान और समर्पित शिक्षक वर्तमान समय में कम दिखते हैं। जो अपने विद्यार्थियों को योग्य बनाने के लिए हर संभव प्रयत्न करते है। कहना है की रतूड़ी की नियुक्ति के बाद से छात्र छात्राओं की प्रतिभा निखरी है। जबकि क्षेत्र पंचायत रजनी टोडरिया का कहना है कि ग्रामीण आंचल में बालिकाओं की शिक्षा के प्रति उनके अभिभावकों को प्रेरित करने में रतूड़ी अहम भूमिका निभा रहे है।
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