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नहीं बन सका शहीदों के सपनों का उतराखंड

Sun, 02 Sep 2018 02:04 AM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:04 AM IST
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नहीं बन सका शहीदों के सपनों का उतराखंड
नहीं बन सका शहीदों के सपनों का उत्तराखंड
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की ओर शनिवार को अस्पताल रोड स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित कर खटीमा और मसूरी कांड के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान खटीमा और मसूरी कांड के दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मंच के महासचिव जय कृष्ण सेमवाल ने कहा कि शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष के चलते ही उत्तराखंड राज्य बना। इसके बावजूद राज्य में भ्रष्टाचार, पलायन और बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बरकरार है। राज्य गठन के 18 साल बाद भी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड नहीं बन सका है। बीना पंवार ने कहा कि वर्तमान सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। अब तक वास्तविक आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण भी नहीं कराया सका है। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में सुरेंद्र कुकरेती, देवेश्वरी बिडालिया, जयकृष्ण सेमवाल, नरेंद्र कुकरेती, सुशीला धस्माना, जयंती पटवाल, अमजद मिर्जा, मुहम्मद जहीर कुरेशी, रिहायन अली कुरेशी, आरिफ, शंभू प्रसाद सेमवाल, बीना असवाल, सुशीला नेगी, सावित्री, शांति डंगवल, मंगला नेगी, दमयंती कुकरेती, राम सिंह रावत, गोदांबरी भट्ट, कमला घिल्डियाल, मनोरमा डोभाल, अनिता चौधरी, मोहन प्रसाद नैनवाल, सुशीला कपरूवाण, संतोष शर्मा, अंजू भट्ट आदि शामिल रहीं।
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