{"_id":"5b660b014f1c1b9c3e8b5194","slug":"153341413813-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानव के कल्याण और विकास का सीधा संबन्ध पर्यावरण से है - स्वामी चिदानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानव के कल्याण और विकास का सीधा संबन्ध पर्यावरण से है - स्वामी चिदानंद
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने शनिवार को दिल्ली में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। परमार्थ निकेतन मीडिया विभाग के अनुसार स्वामी चिदानंद मुनि ने कानून मंत्री को गंगा और अन्य नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने, मानव अधिकारों की तरह वन्यजीव, वृक्ष व प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए कानून बनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही सहायक नदियों, गाड़-गदेरों पर भी स्वच्छता का नियम लागू करने की बात कही है। स्वामी का कहना है कि मानव के कल्याण और विकास का सीधा संबंध पर्यावरण से है। स्वच्छ पर्यावरण के बिना मानव विकास के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। वहीं कानून मंत्री ने नमामि गंगे के महानिदेशक से भी चर्चा की। मुनि ने कहा कि कानून मंत्री ने उक्त सुझावों पर मंथन के बाद कैबिनेट को सौंपने और शीघ्र ही गंगा राइट एक्ट बनाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
मुनिकीरेती। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने शनिवार को दिल्ली में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। परमार्थ निकेतन मीडिया विभाग के अनुसार स्वामी चिदानंद मुनि ने कानून मंत्री को गंगा और अन्य नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने, मानव अधिकारों की तरह वन्यजीव, वृक्ष व प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए कानून बनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही सहायक नदियों, गाड़-गदेरों पर भी स्वच्छता का नियम लागू करने की बात कही है। स्वामी का कहना है कि मानव के कल्याण और विकास का सीधा संबंध पर्यावरण से है। स्वच्छ पर्यावरण के बिना मानव विकास के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। वहीं कानून मंत्री ने नमामि गंगे के महानिदेशक से भी चर्चा की। मुनि ने कहा कि कानून मंत्री ने उक्त सुझावों पर मंथन के बाद कैबिनेट को सौंपने और शीघ्र ही गंगा राइट एक्ट बनाने का आश्वासन दिया है।