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तीन दिन बंद हैं रास्ता
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:24 AM IST
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- मलबा आने से आधा दर्जन संपर्क मार्गों की आवाजाही ठप
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी। भारी बारिश के बीच मलबा और बोल्डर आने से तीन दिन पूर्व बंद हुए आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर बुधवार को भी वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन से चार किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। फसलों से लदे कई छोटे वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। ऐसे में फसलों के मंडियों तक न पहुंच पाने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं अब काश्तकारों ने शीघ्र आवाजाही बहाल न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सड़कों के बंद होने से करीब 20 गांव का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कटा हुआ है।
काश्तकार वीरेंद्र शर्मा, प्रताप सिंह, रतन आदि का कहना है कि इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, आलू, मटर, हरि मिर्च, मूली, राई, चौलाई आदि फसलों की बंपर पैदावार हो रही है। लेकिन सड़कों के बंद होने से यह फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। फसल खेतों में ही सड़ने लगी है। जिस कारण काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं राशन, सिलेंडर आदि भी पीठ पर लादकर घर तक ले जाना पड़ रहा है। मरीजों को भी डांडी पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी है।
ये मार्ग पड़े हैं बंद
तीन दिन पूर्व भारी बारिश के बीच मलबा आने से त्यूनी-कथियान-फनार, सावड़ा-डुंगरी, पीपरा-मीनस-बायला, लेल्टा-मंडोली, नगऊ और कोटा-तारली-ऊभरेऊ मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है।
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मार्ग खोलने के लिए जेसीबी मशीन लगा दी गई है। सभी मार्गों पर भारी मात्रा में मलबा आया हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर मलबे को हटा यातायात बहाल कराया जा रहा है।
- बीसी पंत, अधिशासी अभियंता लोनिवि(पीएमजीएसवाई) कालसी
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अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी। भारी बारिश के बीच मलबा और बोल्डर आने से तीन दिन पूर्व बंद हुए आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर बुधवार को भी वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन से चार किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। फसलों से लदे कई छोटे वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। ऐसे में फसलों के मंडियों तक न पहुंच पाने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं अब काश्तकारों ने शीघ्र आवाजाही बहाल न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सड़कों के बंद होने से करीब 20 गांव का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कटा हुआ है।
काश्तकार वीरेंद्र शर्मा, प्रताप सिंह, रतन आदि का कहना है कि इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, आलू, मटर, हरि मिर्च, मूली, राई, चौलाई आदि फसलों की बंपर पैदावार हो रही है। लेकिन सड़कों के बंद होने से यह फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। फसल खेतों में ही सड़ने लगी है। जिस कारण काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं राशन, सिलेंडर आदि भी पीठ पर लादकर घर तक ले जाना पड़ रहा है। मरीजों को भी डांडी पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी है।
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ये मार्ग पड़े हैं बंद
तीन दिन पूर्व भारी बारिश के बीच मलबा आने से त्यूनी-कथियान-फनार, सावड़ा-डुंगरी, पीपरा-मीनस-बायला, लेल्टा-मंडोली, नगऊ और कोटा-तारली-ऊभरेऊ मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है।
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मार्ग खोलने के लिए जेसीबी मशीन लगा दी गई है। सभी मार्गों पर भारी मात्रा में मलबा आया हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर मलबे को हटा यातायात बहाल कराया जा रहा है।
- बीसी पंत, अधिशासी अभियंता लोनिवि(पीएमजीएसवाई) कालसी