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अन्य निधि से कराए गए विकास कार्यों की भी हो एसआईटी जांच
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, विकासनगर।
पछवादून ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के साथ ही सांसद, विधायक, जिला योजना और क्षेत्र पंचायत निधि के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों की भी एसआईटी जांच की मांग की गई। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो ग्राम प्रधानों को सड़क पर उतर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
ब्लॉक मुख्यालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में संगठन के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि हाल ही में पंचायती राज मंत्री अरविंद कुमार ने ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के साथ आपदा कीट और सोलर स्ट्रीट लाइटों की जांच एसआईटी से कराने की बात कही है। इसका सभी ग्राम प्रधान स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार को विधायक, सांसद, जिला योजना और क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जाने वाले कार्यों की जांच भी एसआईटी के माध्यम से जांच करानी चाहिए। लेकिन सरकार महज ग्राम प्रधानों का ही शोषण करना चाहती है। जिस कारण हर बार ग्राम प्रधानों के कार्यों की ही जांच की बात की जाती है।
ग्राम प्रधान बाला चौहान ने कहा की पूर्व में सोशल ऑडिट के बहाने भी ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न किया गया। लेकिन तब भी सरकार को कुछ हासिल नहीं हुआ और अब एसआईटी जांच के माध्यम से ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न करने की कोशिश की जा रही है।
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ब्लॉक संगठन उपाध्यक्ष नरेंद्र सैनी ने कहा कि सरकार को एसआईटी जांच से ज्यादा ध्यान मनरेगा योजना के बिल भुगतान और मजदूरी में इजाफे की ओर देना चाहिए। ग्राम प्रधान रण सिंह ने कहा कि सरकार ने दिसंबर 2017 तक पंचायत राज एक्ट लागू करने की बात कही थी। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बैठक में ग्राम प्रधान विकास पटेल, सद्दाम हुसैन, मनीषा पाल, प्रदीप कुमार, अमला देवी, रेशमी देवी, बाला देवी, मेहरू निशा, फेहमीदा, गुमान सिंह, आबिदा, ललिता, सुमित्रा देवी, सुरेशन, दीपिका, भारती देवी आदि शामिल रहे।
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पछवादून ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के साथ ही सांसद, विधायक, जिला योजना और क्षेत्र पंचायत निधि के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों की भी एसआईटी जांच की मांग की गई। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो ग्राम प्रधानों को सड़क पर उतर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
ब्लॉक मुख्यालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में संगठन के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि हाल ही में पंचायती राज मंत्री अरविंद कुमार ने ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के साथ आपदा कीट और सोलर स्ट्रीट लाइटों की जांच एसआईटी से कराने की बात कही है। इसका सभी ग्राम प्रधान स्वागत करते हैं। लेकिन सरकार को विधायक, सांसद, जिला योजना और क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जाने वाले कार्यों की जांच भी एसआईटी के माध्यम से जांच करानी चाहिए। लेकिन सरकार महज ग्राम प्रधानों का ही शोषण करना चाहती है। जिस कारण हर बार ग्राम प्रधानों के कार्यों की ही जांच की बात की जाती है।
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ग्राम प्रधान बाला चौहान ने कहा की पूर्व में सोशल ऑडिट के बहाने भी ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न किया गया। लेकिन तब भी सरकार को कुछ हासिल नहीं हुआ और अब एसआईटी जांच के माध्यम से ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न करने की कोशिश की जा रही है।
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ब्लॉक संगठन उपाध्यक्ष नरेंद्र सैनी ने कहा कि सरकार को एसआईटी जांच से ज्यादा ध्यान मनरेगा योजना के बिल भुगतान और मजदूरी में इजाफे की ओर देना चाहिए। ग्राम प्रधान रण सिंह ने कहा कि सरकार ने दिसंबर 2017 तक पंचायत राज एक्ट लागू करने की बात कही थी। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बैठक में ग्राम प्रधान विकास पटेल, सद्दाम हुसैन, मनीषा पाल, प्रदीप कुमार, अमला देवी, रेशमी देवी, बाला देवी, मेहरू निशा, फेहमीदा, गुमान सिंह, आबिदा, ललिता, सुमित्रा देवी, सुरेशन, दीपिका, भारती देवी आदि शामिल रहे।