{"_id":"5b4fa6214f1c1b3b748b59fe","slug":"1531946526915-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक अस्पताल कुनैन में 15 माह से लटका ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक अस्पताल कुनैन में 15 माह से लटका ताला
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला,चकराता।
आयुर्वेदिक अस्पताल कुनैन में 15 माह से ताला लटका हुआ है। इस कारण आसपास के 8 गांव के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें सर्दी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए भी 40 किमी दूर चकराता जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मांग के समर्थन में उन्होंने डीजी हेल्थ को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि अप्रैल 2017 से अस्पताल में ताला लटका हुआ है। समाज सेवी जवाहर सिंह राणा ने बताया कि इससे पूर्व अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर बैठते थे। लेकिन इसके बाद से यहां कोई डॉक्टर नहीं बैठा। अस्पताल से कुनैन, सैंज, खोलरा, खरोड़ा, कुताड़, झबराड़, अमराड़, रेटाड़ गांव की आबादी जुड़ी है। इन्हें वर्तमान में अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। शिकायत के बाद भी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट और वॉर्ड ब्वॉय का पद भी रिक्त चल रहा है।
एसडीएम चकराता बृजेश तिवारी ने बताया कि जल्द ही मामले में जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी से वार्ता कर अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। ज्ञापन भेजने वालों में नरेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, रेनू राणा, प्रतिमा राणा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
आयुर्वेदिक अस्पताल कुनैन में 15 माह से ताला लटका हुआ है। इस कारण आसपास के 8 गांव के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें सर्दी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए भी 40 किमी दूर चकराता जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मांग के समर्थन में उन्होंने डीजी हेल्थ को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि अप्रैल 2017 से अस्पताल में ताला लटका हुआ है। समाज सेवी जवाहर सिंह राणा ने बताया कि इससे पूर्व अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर बैठते थे। लेकिन इसके बाद से यहां कोई डॉक्टर नहीं बैठा। अस्पताल से कुनैन, सैंज, खोलरा, खरोड़ा, कुताड़, झबराड़, अमराड़, रेटाड़ गांव की आबादी जुड़ी है। इन्हें वर्तमान में अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। शिकायत के बाद भी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट और वॉर्ड ब्वॉय का पद भी रिक्त चल रहा है।
एसडीएम चकराता बृजेश तिवारी ने बताया कि जल्द ही मामले में जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी से वार्ता कर अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। ज्ञापन भेजने वालों में नरेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, रेनू राणा, प्रतिमा राणा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन