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कोटा व उमरीसैंण गांव में जंगली हाथी का आतंक
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
शहर से लेकर गांव तक जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। बीते बुधवार की रात हाथी ने यमकेश्वर के कोटा गांव में घुसकर ध्यान पाल सिंह, जगदीश प्रसाद, अजयपाल सिंह, छप्पन सिंह और होशियार सिंह की मंडवा और पक्के की फसलों को रौंद डाला। इसके बाद हाथी ने उमरीसैंण में कुलदीप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह की फसलें चट कर दी। हाथी ने कोटा गांव निवासी गंगा सिंह के निर्माणाधीन भवन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
दहशतजदा ग्रामीणों ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन से हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उधर, कोटा-माला ग्राम्य विकास संगठन ने पार्क प्रशासन से पीड़ित ग्रामीणों को फसली नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। दूसरी ओर कोटा माला ग्राम्य विकास संगठन के अध्यक्ष शक्ति सिंह राणा ने पार्क प्रशासन से उक्त गांवों में हाथी द्वारा किए गए नुकसान की जांच और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। संगठन ने विभाग से क्षेत्र में सक्रिय हाथी को गांव से जंगल में खदेड़ने और सुरक्षा दीवार व ऊर्जा बाड़ की मांग भी की गई है।
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शहर से लेकर गांव तक जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। बीते बुधवार की रात हाथी ने यमकेश्वर के कोटा गांव में घुसकर ध्यान पाल सिंह, जगदीश प्रसाद, अजयपाल सिंह, छप्पन सिंह और होशियार सिंह की मंडवा और पक्के की फसलों को रौंद डाला। इसके बाद हाथी ने उमरीसैंण में कुलदीप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह की फसलें चट कर दी। हाथी ने कोटा गांव निवासी गंगा सिंह के निर्माणाधीन भवन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
दहशतजदा ग्रामीणों ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन से हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उधर, कोटा-माला ग्राम्य विकास संगठन ने पार्क प्रशासन से पीड़ित ग्रामीणों को फसली नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। दूसरी ओर कोटा माला ग्राम्य विकास संगठन के अध्यक्ष शक्ति सिंह राणा ने पार्क प्रशासन से उक्त गांवों में हाथी द्वारा किए गए नुकसान की जांच और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। संगठन ने विभाग से क्षेत्र में सक्रिय हाथी को गांव से जंगल में खदेड़ने और सुरक्षा दीवार व ऊर्जा बाड़ की मांग भी की गई है।
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