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शिक्षिका को निलंबित करने के विरोध में फूंका पुतला
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
मुख्यमंत्री आवास पर जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका द्वारा अभद्रता करने और मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षिका को निलंबित करने के आदेश देने का मामला विकासनगर में भी गरमा गया है। शनिवार को एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी ने पुतला फूंक प्रदर्शन किया, वहीं जन संघर्ष मोर्चा ने राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। आने वाले दिनों में मामला और भी गरमाने के आसार हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौक बाजार में एकत्र होकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंक प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव संजय किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में फरियादी को बुलाकर मातृशक्ति का अपमान किया है। इससे पूरे उत्तराखंडी अपमानित हुए हैं। कहा कि जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री को कभी माफ नहीं करेगी। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री को इस प्रकरण में नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देना चाहिए। कहा कि भाजपा के सांसदों की शिक्षक पत्नियों को सुगम क्षेत्र में कई वर्षों से तैनात किया हुआ है। वहीं विधवा शिक्षिका ने अपने तबादले की बात रखी तो उन्हें निलंबित कर दिया जाता है। कहा कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। इसका खामियाजा पार्टी को लोक सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर शम्मी प्रकाश, अनुपम कपिल, राजीव शर्मा, संदीप चावला, यश शर्मा , हरिओम कोहल, फईम अंसारी, बलजीत सिंह, नौशाद, मुन्नीर, सदाकत जैदी, नवीन गुप्ता, सोमेंद्र टंडन, फुरकान अंसारी, पारितोष आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संघर्ष मोर्चा ने सड़कों पर उतरने की दी चेतावनी
संघर्ष मोर्चा ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बिशन राणा के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी जोकि शिक्षिका हैं, ने वर्ष 2010 में बिना विभागीय अनुमति के 0.101 हेक्टेयर व 0.126 हेक्टेयर के दो भूखंड और वर्ष 2012 में कुल 833 वर्ग मीटर भूमि के तीन भूखंड खरीदे। कहा कि कर्मचारी सेवा आचरण नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि कर्मचारी बिना विभागीय अनुमति के किसी भी प्रकार की चल-अचल संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं कर सकता है। कहा कि इस मामले में कार्यवाही नहीं हुई तो मोर्चा सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन में अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी, महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, डॉ. ओपी पंवार, गजपाल सिंह रावत , हाजी जामिन, राजेंद्र तोमर, जयंत चौहान, दिनेश राणा, अकरम सलमान, फरहद आलम, रैहवर अली, सोम देश प्रेमी, रूपचंद, महेंद्र सिंघल, इशरार, संध्या गुलेरी, कुंवर सिंह, अशोक कुमार, एसएन शर्मा आदि शामिल रहे।
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मुख्यमंत्री आवास पर जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका द्वारा अभद्रता करने और मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षिका को निलंबित करने के आदेश देने का मामला विकासनगर में भी गरमा गया है। शनिवार को एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी ने पुतला फूंक प्रदर्शन किया, वहीं जन संघर्ष मोर्चा ने राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। आने वाले दिनों में मामला और भी गरमाने के आसार हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौक बाजार में एकत्र होकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंक प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव संजय किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में फरियादी को बुलाकर मातृशक्ति का अपमान किया है। इससे पूरे उत्तराखंडी अपमानित हुए हैं। कहा कि जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री को कभी माफ नहीं करेगी। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री को इस प्रकरण में नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा देना चाहिए। कहा कि भाजपा के सांसदों की शिक्षक पत्नियों को सुगम क्षेत्र में कई वर्षों से तैनात किया हुआ है। वहीं विधवा शिक्षिका ने अपने तबादले की बात रखी तो उन्हें निलंबित कर दिया जाता है। कहा कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। इसका खामियाजा पार्टी को लोक सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर शम्मी प्रकाश, अनुपम कपिल, राजीव शर्मा, संदीप चावला, यश शर्मा , हरिओम कोहल, फईम अंसारी, बलजीत सिंह, नौशाद, मुन्नीर, सदाकत जैदी, नवीन गुप्ता, सोमेंद्र टंडन, फुरकान अंसारी, पारितोष आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संघर्ष मोर्चा ने सड़कों पर उतरने की दी चेतावनी
संघर्ष मोर्चा ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बिशन राणा के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी जोकि शिक्षिका हैं, ने वर्ष 2010 में बिना विभागीय अनुमति के 0.101 हेक्टेयर व 0.126 हेक्टेयर के दो भूखंड और वर्ष 2012 में कुल 833 वर्ग मीटर भूमि के तीन भूखंड खरीदे। कहा कि कर्मचारी सेवा आचरण नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि कर्मचारी बिना विभागीय अनुमति के किसी भी प्रकार की चल-अचल संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं कर सकता है। कहा कि इस मामले में कार्यवाही नहीं हुई तो मोर्चा सड़कों पर उतर कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन में अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी, महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, डॉ. ओपी पंवार, गजपाल सिंह रावत , हाजी जामिन, राजेंद्र तोमर, जयंत चौहान, दिनेश राणा, अकरम सलमान, फरहद आलम, रैहवर अली, सोम देश प्रेमी, रूपचंद, महेंद्र सिंघल, इशरार, संध्या गुलेरी, कुंवर सिंह, अशोक कुमार, एसएन शर्मा आदि शामिल रहे।
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