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छावनी क्षेत्र में दाखिल होने से पहले देना होगा टोल टैक्स
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:16 AM IST
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- आज से प्राइवेट ठेकेेेदार के पास चली जाएगी छावनी क्षेत्र की टोल व्यवस्था
- छावनी में स्थानीय लोगों को कार पार्किंग के लिए देने होंगे 150 रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
पर्यटक स्थल चकराता के छावनी क्षेत्र में दाखिल होने या फिर पार्किंग इस्तेमाल करने पर टोल टैक्स चुकाना पड़ेेगा। 149 वर्ष से छावनी परिषद द्वारा वसूले जा रहे टोल को अब प्राइवेट हाथों में दे दिया गया है। 1 जुलाई से छावनी क्षेत्र की टोल व्यवस्था प्राइवेट ठेकेदार के पास चली जाएगी। कुछ लोगों ने इस व्यवस्था से यातायात व्यवस्था में सुधार आने की बात कही है, वहीं कुछ लोग स्थानीय लोगों से भी टोल टैक्स वसूले जाने को भी गलत बता रहे हैं।
छावनी परिषद चकराता की स्थापना वर्ष 1869 में हुई थी, जिसके बाद से छावनी परिषद में टोल व चुंगी वसूलने की जिम्मेदारी छावनी परिषद चकराता के पास थी। 1 जुलाई 2017 से लागू हुई जीएसटी व्यवस्था के बाद चुंगी व्यवस्था तो बंद हो गई, लेकिन टोल वसूला जाना जारी रहा। टोल में बड़ी रकम ना आने पर व कर्मचारियों के वेतन पर हो रहे अधिक खर्चे के चलते छावनी बोर्ड ने टोल व्यवस्था को प्राइवेट ठेकेदार को देने का फैसला किया। इससे पूर्व छावनी परिषद स्थानीय निवासियों से टोल व पार्किंग फीस नहीं वसूलता था, लेकिन नई व्यवस्था में स्थानीय लोगों के वाहनों व दोपहिया वाहनों से भी टोल वसूला जायेगा। छावनी में कार पार्किंग के लिए स्थानीय लोगों को 150 रुपये प्रति माह व बाहरी व्यक्तियों को टोल के अलावा 10 रुपये रोज देने होंगे।
स्थानीय निवासी तीरथ कुकरेजा, राजेंद्र राणा, हरचरन सिंह, इंद्र सिंह, सुनील, केशर चौहान, आदि का कहना है कि परिषद द्वारा प्राइवेट ठेकेदार को स्थानीय लोगों से पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार तो दे दिया है, लेकिन पार्किंग स्थल की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से टोल लिया जाना भी गलत बताया है। उनका कहना है कि बोर्ड को इस पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि प्रदेश के अन्य किसी भी कैंट में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
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कोट
स्थानीय या फिर पर्यटक जो भी छावनी क्षेत्र में वाहन पार्किंग करेगा, उन्हें टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। छावनी क्षेत्र से व्यापारिक गतिविधियों के लिए लोग पशुओं को और व्यापारी सब्जियां इधर-उधर लेकर जाते हैं, उनसे भी बहुत कम दरों पर टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था रखी गई है।
- संजय गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी, छावनी परिषद बोर्ड, चकराता
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- छावनी में स्थानीय लोगों को कार पार्किंग के लिए देने होंगे 150 रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
पर्यटक स्थल चकराता के छावनी क्षेत्र में दाखिल होने या फिर पार्किंग इस्तेमाल करने पर टोल टैक्स चुकाना पड़ेेगा। 149 वर्ष से छावनी परिषद द्वारा वसूले जा रहे टोल को अब प्राइवेट हाथों में दे दिया गया है। 1 जुलाई से छावनी क्षेत्र की टोल व्यवस्था प्राइवेट ठेकेदार के पास चली जाएगी। कुछ लोगों ने इस व्यवस्था से यातायात व्यवस्था में सुधार आने की बात कही है, वहीं कुछ लोग स्थानीय लोगों से भी टोल टैक्स वसूले जाने को भी गलत बता रहे हैं।
छावनी परिषद चकराता की स्थापना वर्ष 1869 में हुई थी, जिसके बाद से छावनी परिषद में टोल व चुंगी वसूलने की जिम्मेदारी छावनी परिषद चकराता के पास थी। 1 जुलाई 2017 से लागू हुई जीएसटी व्यवस्था के बाद चुंगी व्यवस्था तो बंद हो गई, लेकिन टोल वसूला जाना जारी रहा। टोल में बड़ी रकम ना आने पर व कर्मचारियों के वेतन पर हो रहे अधिक खर्चे के चलते छावनी बोर्ड ने टोल व्यवस्था को प्राइवेट ठेकेदार को देने का फैसला किया। इससे पूर्व छावनी परिषद स्थानीय निवासियों से टोल व पार्किंग फीस नहीं वसूलता था, लेकिन नई व्यवस्था में स्थानीय लोगों के वाहनों व दोपहिया वाहनों से भी टोल वसूला जायेगा। छावनी में कार पार्किंग के लिए स्थानीय लोगों को 150 रुपये प्रति माह व बाहरी व्यक्तियों को टोल के अलावा 10 रुपये रोज देने होंगे।
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स्थानीय निवासी तीरथ कुकरेजा, राजेंद्र राणा, हरचरन सिंह, इंद्र सिंह, सुनील, केशर चौहान, आदि का कहना है कि परिषद द्वारा प्राइवेट ठेकेदार को स्थानीय लोगों से पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार तो दे दिया है, लेकिन पार्किंग स्थल की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से टोल लिया जाना भी गलत बताया है। उनका कहना है कि बोर्ड को इस पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि प्रदेश के अन्य किसी भी कैंट में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
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स्थानीय या फिर पर्यटक जो भी छावनी क्षेत्र में वाहन पार्किंग करेगा, उन्हें टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। छावनी क्षेत्र से व्यापारिक गतिविधियों के लिए लोग पशुओं को और व्यापारी सब्जियां इधर-उधर लेकर जाते हैं, उनसे भी बहुत कम दरों पर टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था रखी गई है।
- संजय गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी, छावनी परिषद बोर्ड, चकराता