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हाई फ्लर्ड जोन में बना दी सीसी सड़क
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:12 AM IST
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ऋषिकेश। नमामि गंगे योजना के तहत फूलचट्टी में गंगा व हेंवल के संगम पर बने स्नान घाट व श्मशान घाट को जोड़ने के लिए कार्यदायी एजेंसी वेबकॉस नदी की तलहटी पर हाईफ्लड जोन में सीसी सड़क का निर्माण करा रही है। इस सड़क के वर्षाकाल में बह जाने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि नमामि गंगे योजना के तहत यमकेश्वर प्रखंड स्थित फूलचट्टी संगम पर स्नान घाट व श्मशान घाट का निर्माण किया गया है। स्नान घाट तक के लिए लक्ष्मणझूला-कांडी एनएच से एप्रोच रोड है। जबकि स्नान घाट से श्मशान घाट को जोड़ने के लिए कार्यदायी संस्था बेवकॉस गंगा के एकदम किनारे सीसी सड़क का निर्माण कर रही है। फूलचट्टी आश्रम के महंत स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, मनोज सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी आदि का कहना है कि कार्यदायी एजेंसी जिस स्थान पर सीसी सड़क का निर्माण कर रही है। नदी के उक्त तट पर बरसात के समय करीब तीन माहीने जलमग्न रहता है। ऐसे में शवदाह के लिए श्मशान घाट आने वाले लोग शवदाह नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा बरसात के समय हाईफ्लड जोन में बनाई जा रही सड़क का सुरक्षित रहना भी मुश्किल है।
एजेंसी वैकल्पिक मार्ग की कर रही अनदेखी
लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे से फूलचट्टी संगम को जोड़ने वाला एप्रोच मार्ग के ठीक नीचे लगभग 15 मीटर की दूरी पर श्मशान घाट का निर्माण किया गया है। निर्माण एजेंसी को एप्रोच मार्ग से श्मशान घाट को सीधे जोड़ना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। ऐसे में बरसात के समय करीब तीन महीने लोग फूलचट्टी में करोड़ों की लागत से बने श्मशान घाट पर शव दाह नहीं कर पाएंगे।
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गौरतलब है कि नमामि गंगे योजना के तहत यमकेश्वर प्रखंड स्थित फूलचट्टी संगम पर स्नान घाट व श्मशान घाट का निर्माण किया गया है। स्नान घाट तक के लिए लक्ष्मणझूला-कांडी एनएच से एप्रोच रोड है। जबकि स्नान घाट से श्मशान घाट को जोड़ने के लिए कार्यदायी संस्था बेवकॉस गंगा के एकदम किनारे सीसी सड़क का निर्माण कर रही है। फूलचट्टी आश्रम के महंत स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, मनोज सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी आदि का कहना है कि कार्यदायी एजेंसी जिस स्थान पर सीसी सड़क का निर्माण कर रही है। नदी के उक्त तट पर बरसात के समय करीब तीन माहीने जलमग्न रहता है। ऐसे में शवदाह के लिए श्मशान घाट आने वाले लोग शवदाह नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा बरसात के समय हाईफ्लड जोन में बनाई जा रही सड़क का सुरक्षित रहना भी मुश्किल है।
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एजेंसी वैकल्पिक मार्ग की कर रही अनदेखी
लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे से फूलचट्टी संगम को जोड़ने वाला एप्रोच मार्ग के ठीक नीचे लगभग 15 मीटर की दूरी पर श्मशान घाट का निर्माण किया गया है। निर्माण एजेंसी को एप्रोच मार्ग से श्मशान घाट को सीधे जोड़ना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। ऐसे में बरसात के समय करीब तीन महीने लोग फूलचट्टी में करोड़ों की लागत से बने श्मशान घाट पर शव दाह नहीं कर पाएंगे।
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