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रोजा इफ्तार कराने से आती है बरकत
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, डोईवाला
डोईवाला संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को लच्छीवाला वन विश्राम गृह में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उलमा ने रमजान और रोजा इफ्तार कराने की फजीलतें बयान की। वहीं, अतिथियों ने लोगों से मिल-जुलकर रहने की अपील की।
समिति के अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रोजेदारों का खजूर और पानी से रोजा इफ्तार कराया गया। इससे पहले मौलाना कुद्दूस ने रमजान की फजीलतें बयान की। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत और रहमत का महीना है। रमजान सब्र और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस माह में अकीदतमंद रोजे रखकर अल्लाह की इबादत में मश्गूल रहते है। अल्लाह अपने इबादतगार बंदे को एक नेकी के बदले 70 गुना सवाब अता फरमाते हैं कहा कि रोजेदारों का रोजा इफ्तार कराने वाले से अल्लाह खुश होते हैं। ऐसे लोगों को अल्लाह रोजेदार के बराबर सवाब अता फरमाते हैं। साथ ही इफ्तार कराने वाले लोगों के घरों में बरकत आती है।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अंबरीश कुमार ने कहा कि रमजान का पाक महीना प्रेम और सद्भाव की शिक्षा देता है। हिंदुस्तान में सभी संप्रदाय मिलजुल रहते है यही हमारी संस्कृति और सभ्यता है। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. एसएन सचान ने कहा कि सामाजिक और संप्रदायिक एकता में ऐसे आयोजनों की सकारात्मक भूमिका होती है। कार्यक्रम आयोजक फुरकान अहमद कुरैशी ने कहा कि रमजान ज्यादा से ज्यादा नेकी कमाने का अवसर देता है। कहा कि कार्यक्रम का मकसद सामाजिक सौहार्द बढ़ाना है। रोजा इफ्तार के बाद मौलाना कुद्दूस ने मगरिब की नमाज अदा कराई और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ कराई। इसके बाद लोगों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इस दौरान हुसैन अहमद, अजय राजपूत, जाहिद अंजुम, मुरली मनोहर, आशीष यादव, हरिकिशन चौहान, डा. पीके सचान, गौरव मल्होत्रा, महेंद्र चौहान, अजय सैनी, अफजल सलमानी, नौशाद अली, तेजेंद्र सिंह, डा. सादिक अली, खुशी प्रजापति, संदीप प्रजापति, रेखा चौहान, पूरण चंद यादव, बीके श्रीवास्तव, गोपाल थापा, सिकंदर अली, याकूब अली, मुरली यादव आदि मौजूद रहे।
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डोईवाला संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से मंगलवार को लच्छीवाला वन विश्राम गृह में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उलमा ने रमजान और रोजा इफ्तार कराने की फजीलतें बयान की। वहीं, अतिथियों ने लोगों से मिल-जुलकर रहने की अपील की।
समिति के अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रोजेदारों का खजूर और पानी से रोजा इफ्तार कराया गया। इससे पहले मौलाना कुद्दूस ने रमजान की फजीलतें बयान की। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत और रहमत का महीना है। रमजान सब्र और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस माह में अकीदतमंद रोजे रखकर अल्लाह की इबादत में मश्गूल रहते है। अल्लाह अपने इबादतगार बंदे को एक नेकी के बदले 70 गुना सवाब अता फरमाते हैं कहा कि रोजेदारों का रोजा इफ्तार कराने वाले से अल्लाह खुश होते हैं। ऐसे लोगों को अल्लाह रोजेदार के बराबर सवाब अता फरमाते हैं। साथ ही इफ्तार कराने वाले लोगों के घरों में बरकत आती है।
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मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अंबरीश कुमार ने कहा कि रमजान का पाक महीना प्रेम और सद्भाव की शिक्षा देता है। हिंदुस्तान में सभी संप्रदाय मिलजुल रहते है यही हमारी संस्कृति और सभ्यता है। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. एसएन सचान ने कहा कि सामाजिक और संप्रदायिक एकता में ऐसे आयोजनों की सकारात्मक भूमिका होती है। कार्यक्रम आयोजक फुरकान अहमद कुरैशी ने कहा कि रमजान ज्यादा से ज्यादा नेकी कमाने का अवसर देता है। कहा कि कार्यक्रम का मकसद सामाजिक सौहार्द बढ़ाना है। रोजा इफ्तार के बाद मौलाना कुद्दूस ने मगरिब की नमाज अदा कराई और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ कराई। इसके बाद लोगों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इस दौरान हुसैन अहमद, अजय राजपूत, जाहिद अंजुम, मुरली मनोहर, आशीष यादव, हरिकिशन चौहान, डा. पीके सचान, गौरव मल्होत्रा, महेंद्र चौहान, अजय सैनी, अफजल सलमानी, नौशाद अली, तेजेंद्र सिंह, डा. सादिक अली, खुशी प्रजापति, संदीप प्रजापति, रेखा चौहान, पूरण चंद यादव, बीके श्रीवास्तव, गोपाल थापा, सिकंदर अली, याकूब अली, मुरली यादव आदि मौजूद रहे।
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