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अंधेरे में कटी 300 गांव की आबादी की रात
Updated Mon, 28 May 2018 01:51 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
33केवी की लाइन में फाल्ट आने से जौनसार बावर के 300 गांवों की आबादी को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। क्षेत्र में करीब 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली उपकरण शोपीस बने रहे। क्षेत्र में सैर सपाटे के लिए निकले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार की शाम चार बजे साहिया-कालसी के बीच बिजली लाइन में फाल्ट आ गया। जिससे चकराता, साहिया, मझगांव, मयरावना, क्वानू, अलसी, कनबुआ, ककाड़ी, सकनी, कोठा तारली, नेवी, उपरोली, समाल्टा, पानुवा, गड़ेथा, दातनू, बड़नू, कोरूवा, लोखड़ी-लोहारी, भंगार, जाडी, हाजा दसऊ, गबेला, दोधा, सुनोड़ा, सुरेऊ, ऊभरेऊ, मंडोली समेत 300 गांवों की आबादी को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। रविवार सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय निवासी चमन सिंह तोमर, सुल्तान सिंह तोमर, प्रशांत भसीन आदि का कहना है कि क्षेत्र में बिछाई गई लाइन जर्जरहाल हो गई है। हल्की सी हवा चलने पर लाइन में फाल्ट आ जाता है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ता है। हर बार बिजली आपूर्ति ठप होने पर विभाग को इसे बहाल करने में पूरा दिन लग जाता है। उधर, अवर अभियंता प्रताप सिंह चौहान ने बताया की फाल्ट बहुत माइनर था। जिस कारण उसे ढूंढने में समय लग गया।
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33केवी की लाइन में फाल्ट आने से जौनसार बावर के 300 गांवों की आबादी को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। क्षेत्र में करीब 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली उपकरण शोपीस बने रहे। क्षेत्र में सैर सपाटे के लिए निकले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार की शाम चार बजे साहिया-कालसी के बीच बिजली लाइन में फाल्ट आ गया। जिससे चकराता, साहिया, मझगांव, मयरावना, क्वानू, अलसी, कनबुआ, ककाड़ी, सकनी, कोठा तारली, नेवी, उपरोली, समाल्टा, पानुवा, गड़ेथा, दातनू, बड़नू, कोरूवा, लोखड़ी-लोहारी, भंगार, जाडी, हाजा दसऊ, गबेला, दोधा, सुनोड़ा, सुरेऊ, ऊभरेऊ, मंडोली समेत 300 गांवों की आबादी को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। रविवार सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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स्थानीय निवासी चमन सिंह तोमर, सुल्तान सिंह तोमर, प्रशांत भसीन आदि का कहना है कि क्षेत्र में बिछाई गई लाइन जर्जरहाल हो गई है। हल्की सी हवा चलने पर लाइन में फाल्ट आ जाता है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ता है। हर बार बिजली आपूर्ति ठप होने पर विभाग को इसे बहाल करने में पूरा दिन लग जाता है। उधर, अवर अभियंता प्रताप सिंह चौहान ने बताया की फाल्ट बहुत माइनर था। जिस कारण उसे ढूंढने में समय लग गया।
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