{"_id":"5b0848244f1c1ba56e8b493b","slug":"152726940712coordination-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संशोधित-हेमकुंड साहिब के कपाट खुले-COORDINATION","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संशोधित-हेमकुंड साहिब के कपाट खुले-COORDINATION
Updated Fri, 25 May 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जोशीमठ। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शुक्रवार सुबह नौ बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान करीब 8000 तीर्थयात्रियों ने पवित्र हेमकुंड सरोवर में स्नान कर पहली अरदास में भाग लिया। अटलाकुड़ी से हेमकुंड तक तीन किलोमीटर आस्था पथ पर बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। यहां तीर्थयात्री ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़े। यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है। हेमकुंड में मौसम सामान्य बना हुआ है।
शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे पंच प्यारों की अगुवाई में तीर्थयात्रियों का पहला जत्था हेमकुंड पहुंचा। इसके बाद ठीक नौ बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सप्तखंड से गुरुग्रंथ साहिब को गुरुद्वारे में लाया गया। पहली अरदास के बाद दो घंटे का सुखमणि पाठ किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य ग्रंथी सरदार मिलाप सिंह, मुख्य ट्रस्टी सरदार जनक सिंह, गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह आदि मौजूद थे।
लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी खुले
जोशीमठ। श्री हेमकुंड साहिब के साथ ही यहां स्थित लक्ष्मण (लोकपाल) मंदिर के कपाट भी विधि-विधान से मंत्रोच्चारण के साथ खुल गए हैं। यहां भ्यूंडार गांव के ग्रामीण पूजा-अर्चना संपन्न करते हैं। मान्यता है कि इसी स्थान पर सप्त शिखरों के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम राम के अनुज लक्ष्मण ने शेषनाग के रुप में तपस्या की थी। यहां लक्ष्मण की पाषाण मूर्ति है। लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने से भ्यूंडार घाटी में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बढ़ गई है।
शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे पंच प्यारों की अगुवाई में तीर्थयात्रियों का पहला जत्था हेमकुंड पहुंचा। इसके बाद ठीक नौ बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सप्तखंड से गुरुग्रंथ साहिब को गुरुद्वारे में लाया गया। पहली अरदास के बाद दो घंटे का सुखमणि पाठ किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य ग्रंथी सरदार मिलाप सिंह, मुख्य ट्रस्टी सरदार जनक सिंह, गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी खुले
जोशीमठ। श्री हेमकुंड साहिब के साथ ही यहां स्थित लक्ष्मण (लोकपाल) मंदिर के कपाट भी विधि-विधान से मंत्रोच्चारण के साथ खुल गए हैं। यहां भ्यूंडार गांव के ग्रामीण पूजा-अर्चना संपन्न करते हैं। मान्यता है कि इसी स्थान पर सप्त शिखरों के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम राम के अनुज लक्ष्मण ने शेषनाग के रुप में तपस्या की थी। यहां लक्ष्मण की पाषाण मूर्ति है। लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने से भ्यूंडार घाटी में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बढ़ गई है।
विज्ञापन