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महिला समूहों को आर्थिक मदद करेगा नाबार्ड-compat
Updated Tue, 01 May 2018 11:04 PM IST
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गोपेश्वर। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक बीएन मगर ने कहा कि महिलाएं स्वरोजगार से अपनी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए आगे आएं। स्वरोजगार के लिए नाबार्ड महिला समूहों को पूरी आर्थिक मदद देगा।
मगर मंगलवार को यहां जयदीप भवन में श्री नंदा देवी महिला लोक विकास समिति की ओर से आयोजित महिला स्वयं सहायता समूहों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहाड़ में अधिकांश जगहों पर वर्षा पर आधारित खेती होती है। बारिश नहीं होने से फसलों को खासा नुकसान पहुंचता है, लिहाजा महिलाएं गैर कृषि संगठन स्थापित कर स्वरोजगार से अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का आह्वान किया।
समिति की सचिव किरन पुरोहित ने कहा कि वर्ष 2012 से मौजूदा समय तक समिति की ओर से जिले में 700 महिला समूहों का गठन किया जा चुका है। 530 महिला समूहों को नाबार्ड की सहायता से करीब तीन करोड रुपये का ऋण भी उपलब्ध करवाया गया है। बैठक में काश्तकार अनिल थपलियाल, देवेश्वरी नेगी, शाकुंबरी देवी, मधुली देवी, राजेश्वरी झिंक्वाण, पुष्पा पासवान, रीनू रानी, मीनू, मुन्नी, चंद्रकला, कुसुमलता और अनीता नेगी को मुख्य महाप्रबंधक की ओर से स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आशीष भंडारी ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर महिलाओं द्वारा ग्रीन टी, पापड़, सोयाबड़ी, जूट के बैग, स्वेटर, कालीन आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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मगर मंगलवार को यहां जयदीप भवन में श्री नंदा देवी महिला लोक विकास समिति की ओर से आयोजित महिला स्वयं सहायता समूहों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहाड़ में अधिकांश जगहों पर वर्षा पर आधारित खेती होती है। बारिश नहीं होने से फसलों को खासा नुकसान पहुंचता है, लिहाजा महिलाएं गैर कृषि संगठन स्थापित कर स्वरोजगार से अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का आह्वान किया।
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समिति की सचिव किरन पुरोहित ने कहा कि वर्ष 2012 से मौजूदा समय तक समिति की ओर से जिले में 700 महिला समूहों का गठन किया जा चुका है। 530 महिला समूहों को नाबार्ड की सहायता से करीब तीन करोड रुपये का ऋण भी उपलब्ध करवाया गया है। बैठक में काश्तकार अनिल थपलियाल, देवेश्वरी नेगी, शाकुंबरी देवी, मधुली देवी, राजेश्वरी झिंक्वाण, पुष्पा पासवान, रीनू रानी, मीनू, मुन्नी, चंद्रकला, कुसुमलता और अनीता नेगी को मुख्य महाप्रबंधक की ओर से स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आशीष भंडारी ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर महिलाओं द्वारा ग्रीन टी, पापड़, सोयाबड़ी, जूट के बैग, स्वेटर, कालीन आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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