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भव्य जल कलश यात्रा के साथ नृसिंह मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरु
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:44 PM IST
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जोशीमठ। भव्य जल कलश यात्रा के साथ सोमवार को नव निर्मित नृसिंह मंदिर में तीन दिवसीय शुद्धिकरण अनुष्ठान शुरू हो गया है। मंदिर परिसर से लेकर गर्भगृह तक 60 आचार्य ब्राह्मण मंत्रोच्चारण के साथ ही विभिन्न पूजा कर रहे हैं। तीन दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान के बाद 18 अप्रैल को सुबह ग्यारह बजे भगवान नृसिंह अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। धार्मिक अनुष्ठान में शामिल भक्तों ने भगवान नृसिंह के दर्शन कर मनौतियां मांगी।
सोमवार सुबह आठ बजे से नृसिंह मंदिर में विभिन्न पूजा शुरू हुई। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और देवपूजाई समिति से जुड़े पदाधिकारियों के साथ ही महिलाओं ने विष्णुप्रयाग से नृसिंह मंदिर तक भव्य जलकलश यात्रा निकाली। विष्णुप्रयाग के जल से नृसिंह मंदिर का तीन दिनों तक शुद्घिकरण होगा। सोमवार को महिलाओं ने गढ़वाल स्काउट की बैंड धुन के साथ झुमैलो नृत्य किया। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण पर 4.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, सुनील तिवारी, भोला नामण, आदित्य भूषण सती, ऋषि प्रसाद सती, भगवती नंबूरी, रमेश चंद्र सती, सुभाष डिमरी, सतीश भट्ट, विजय डिमरी, बीना बहुगुणा, देवेश्वरी देवी, प्रेमा बिष्ट, बसंती देवी और मोहन सती आदि मौजूद थे।
गंगा आरती की तर्ज पर होगी आरती
जोशीमठ। बदरीनाथ यात्रा के दौरान नृसिंह मंदिर की दैनिक आरती अब गंगा आरती की तर्ज पर होगी। 18 अप्रैल को भगवान नृसिंह के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद प्रतिदिन संस्कृत महाविद्यालय के छात्र, आचार्यगण और वेदपाठी वेद मंत्रों के साथ आरती करेंगे। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि यात्राकाल के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए मंदिर के मंडप के बजाय परिसर में भव्य आरती की जाएगी।
सोमवार सुबह आठ बजे से नृसिंह मंदिर में विभिन्न पूजा शुरू हुई। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और देवपूजाई समिति से जुड़े पदाधिकारियों के साथ ही महिलाओं ने विष्णुप्रयाग से नृसिंह मंदिर तक भव्य जलकलश यात्रा निकाली। विष्णुप्रयाग के जल से नृसिंह मंदिर का तीन दिनों तक शुद्घिकरण होगा। सोमवार को महिलाओं ने गढ़वाल स्काउट की बैंड धुन के साथ झुमैलो नृत्य किया। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण पर 4.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, सुनील तिवारी, भोला नामण, आदित्य भूषण सती, ऋषि प्रसाद सती, भगवती नंबूरी, रमेश चंद्र सती, सुभाष डिमरी, सतीश भट्ट, विजय डिमरी, बीना बहुगुणा, देवेश्वरी देवी, प्रेमा बिष्ट, बसंती देवी और मोहन सती आदि मौजूद थे।
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गंगा आरती की तर्ज पर होगी आरती
जोशीमठ। बदरीनाथ यात्रा के दौरान नृसिंह मंदिर की दैनिक आरती अब गंगा आरती की तर्ज पर होगी। 18 अप्रैल को भगवान नृसिंह के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद प्रतिदिन संस्कृत महाविद्यालय के छात्र, आचार्यगण और वेदपाठी वेद मंत्रों के साथ आरती करेंगे। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि यात्राकाल के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए मंदिर के मंडप के बजाय परिसर में भव्य आरती की जाएगी।
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