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ग्रीन पार्क में फिर से लौटेगी रौनक
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
डाकपत्थर स्थित बदहाल पड़े ग्रीन पार्क में फिर से रौनक लौटेगी। पार्क में फिर से हरियाली नजर आएगी, बच्चे हाउस बोट का लुत्फ उठाते और झूलों पर झूलते नजर आएंगे। बुजुर्ग आराम से ट्रैक पर टहल सकेंगे। जी हां पीपीपी मोड में पार्क का संचालन होने से जल्द ही यह सब संभव होगा।
दरअसल, 70 के दशक में बना क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क सिंचाई विभाग के पास बजट न होने के चलते बदहाल पड़ा है। पार्क में लगा फव्वारा, लाइट, पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। पार्क में बनी हाउस बोट भी खस्ताहाल है। स्थानीय लोगों के कई बार पार्क का जीर्णोद्धार की मांग पर सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने बजट को प्रस्ताव भेजा, लेकिन बजट नहीं मिला। जिस कारण पार्क का जीर्णोद्धार नहीं हो सका। अब लोगों और पर्यटकों के ज्यादा दबाव के चलते सिंचाई विभाग ने पार्क को पीपीपी मोड पर देने का फैसला किया है। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि पार्क को पीपीपी मोड में देने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। आठ मई को निविदाएं खोली जाएंगी। उसके बाद पार्क का संचालन शुरू होगा।
पार्क को पीपीपी मोड पर देने की योजना का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। अभय शर्मा, ललित यादव, ममता चौहान आदि का कहना है कि पार्क को पीपीपी मोड पर देने से उम्मीद है कि पार्क की बदहाली दूर होगी और पार्क अपनी पुरानी रंगत में होगा। पहले की तरह पार्क में पर्यटक उमड़ेंगे।
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डाकपत्थर स्थित बदहाल पड़े ग्रीन पार्क में फिर से रौनक लौटेगी। पार्क में फिर से हरियाली नजर आएगी, बच्चे हाउस बोट का लुत्फ उठाते और झूलों पर झूलते नजर आएंगे। बुजुर्ग आराम से ट्रैक पर टहल सकेंगे। जी हां पीपीपी मोड में पार्क का संचालन होने से जल्द ही यह सब संभव होगा।
दरअसल, 70 के दशक में बना क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क सिंचाई विभाग के पास बजट न होने के चलते बदहाल पड़ा है। पार्क में लगा फव्वारा, लाइट, पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। पार्क में बनी हाउस बोट भी खस्ताहाल है। स्थानीय लोगों के कई बार पार्क का जीर्णोद्धार की मांग पर सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने बजट को प्रस्ताव भेजा, लेकिन बजट नहीं मिला। जिस कारण पार्क का जीर्णोद्धार नहीं हो सका। अब लोगों और पर्यटकों के ज्यादा दबाव के चलते सिंचाई विभाग ने पार्क को पीपीपी मोड पर देने का फैसला किया है। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि पार्क को पीपीपी मोड में देने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। आठ मई को निविदाएं खोली जाएंगी। उसके बाद पार्क का संचालन शुरू होगा।
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पार्क को पीपीपी मोड पर देने की योजना का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। अभय शर्मा, ललित यादव, ममता चौहान आदि का कहना है कि पार्क को पीपीपी मोड पर देने से उम्मीद है कि पार्क की बदहाली दूर होगी और पार्क अपनी पुरानी रंगत में होगा। पहले की तरह पार्क में पर्यटक उमड़ेंगे।
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