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..तो जजरेट पर जान हथेली पर रख सफर करेंगे लोग
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:59 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
इस साल भी बरसात में कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास आवाजाही के दौरान जान हथेली पर रख सफर करना पड़ेगा। अब तक लोक निर्माण विभाग(लोनिवि) ने सड़क के इस हिस्से पर स्लिप जोन के ट्रीटमेंट के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। इससे बरसात में लोगों की फजीहत पक्का है।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास पहाड़ी के बेहद कच्चा होने के कारण बरसात में सड़क के इस हिस्से पर पहाड़ी का दरकना शुरू हो जाता है। कई बार लगातार पत्थरों के गिरने के कारण कई दिन तक सड़क पर यातायात बाधित रहता है। दो साल पूर्व विभाग ने सड़क के इस हिस्से पर मलबे को रोकने के लिए करोड़ों की लागत के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया था, लेकिन यह दीवार मलबे के भार को सहन नहीं कर सकी और जगह-जगह से झुकी हुई है। बीते साल कई बार पैदल जा रहे लोगों के साथ वाहन चालक सड़क के इस हिस्से पर मलबे के नीचे आने से बाल-बाल बचे हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर मरम्मत का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक विभाग इस हिस्से पर मरम्मत के लिए कोई रोड मैप ही तैयार नहीं कर सका है। नतीजतन, इस साल भी बरसात में लोगों की फजीहत पक्का है। विभागीय अधिकारियों ने सड़क के इस हिस्से पर पुल निर्माण की बात कही थी। लेकिन यह योजना भी वर्तमान में ठंडे बस्ते में है। बमराड़ के प्रधान रणवीर सिंह चौहान, दातनू गांव के सुरेंद्र सिंह चौहान और साहिया के पूर्व प्रधान सुभाष भाटी आदि का कहना है कि यह सड़क जौनसार बावर का प्रवेश द्वार है। सड़क के बंद होने से चालीस से अधिक गांवों की आबादी पूरी तरह से अलग-थलग हो जाती है। कहा यदि विभाग जल्द ही इस हिस्से पर पुल या ट्रीटमेंट का कार्य शुरू नहीं करता तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उधर, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया की विभाग के पास ट्रीटमेंट के लिए बजट नहीं है। पुल निर्माण के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है।
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इस साल भी बरसात में कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास आवाजाही के दौरान जान हथेली पर रख सफर करना पड़ेगा। अब तक लोक निर्माण विभाग(लोनिवि) ने सड़क के इस हिस्से पर स्लिप जोन के ट्रीटमेंट के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। इससे बरसात में लोगों की फजीहत पक्का है।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास पहाड़ी के बेहद कच्चा होने के कारण बरसात में सड़क के इस हिस्से पर पहाड़ी का दरकना शुरू हो जाता है। कई बार लगातार पत्थरों के गिरने के कारण कई दिन तक सड़क पर यातायात बाधित रहता है। दो साल पूर्व विभाग ने सड़क के इस हिस्से पर मलबे को रोकने के लिए करोड़ों की लागत के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया था, लेकिन यह दीवार मलबे के भार को सहन नहीं कर सकी और जगह-जगह से झुकी हुई है। बीते साल कई बार पैदल जा रहे लोगों के साथ वाहन चालक सड़क के इस हिस्से पर मलबे के नीचे आने से बाल-बाल बचे हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर मरम्मत का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक विभाग इस हिस्से पर मरम्मत के लिए कोई रोड मैप ही तैयार नहीं कर सका है। नतीजतन, इस साल भी बरसात में लोगों की फजीहत पक्का है। विभागीय अधिकारियों ने सड़क के इस हिस्से पर पुल निर्माण की बात कही थी। लेकिन यह योजना भी वर्तमान में ठंडे बस्ते में है। बमराड़ के प्रधान रणवीर सिंह चौहान, दातनू गांव के सुरेंद्र सिंह चौहान और साहिया के पूर्व प्रधान सुभाष भाटी आदि का कहना है कि यह सड़क जौनसार बावर का प्रवेश द्वार है। सड़क के बंद होने से चालीस से अधिक गांवों की आबादी पूरी तरह से अलग-थलग हो जाती है। कहा यदि विभाग जल्द ही इस हिस्से पर पुल या ट्रीटमेंट का कार्य शुरू नहीं करता तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उधर, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया की विभाग के पास ट्रीटमेंट के लिए बजट नहीं है। पुल निर्माण के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है।
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