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चौरास परिसर की सुरक्षा दीवार के लिए 20 करोड़ की स्वीकृति ...
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:32 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर के लिए बन रही सुरक्षा दीवार के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 20 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। हालांकि सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 50 करोड़ की आवश्यकता है। विवि पर प्रथम चरण के निर्माण कार्य का ही 10 करोड़ का उधार बाकी है।
वर्ष 2013 जून माह की आपदा में गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित स्टेडियम का काफी बड़ा हिस्सा अलकनंदा के बढे़ जलस्तर की चपेट में आ गया था। इस दौरान श्रीनगर को चौरास क्षेत्र से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था। छात्रों की मांग पर विवि प्रशासन ने सुरक्षा दीवार निर्माण निर्माण के लिए 77 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। करीब 550 मीटर लंबी व 44 मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा होना था। वर्ष 2015 में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने प्रथम चरण का कार्य शुरू किया गया। प्रथम चरण के कार्य की लागत 29 करोड़ थी, जिसमें से विवि को मात्र 20 करोड़ ही मिले थे, लेकिन कार्यदायी एजेंसी को प्रथम चरण के कार्य का भी पूरा भुगतान नहीं हुआ। इससे सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य ठप हो गया। विवि के अधिशासी अभियंता विजयानंद बहुगुणा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व एमएचआरडी ने सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य के 20 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। हालांकि यह धनराशि विवि को उपलब्ध नहीं हुई है। बताया कि 10 करोड़ की धनराशि पिछले प्रथम चरण के कार्य का बकाया है। उन्होंने बताया कि दीवार निर्माण के लिए कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा बहुगुणा ने पूर्व में एमएचआरडी के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया था।
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वर्ष 2013 जून माह की आपदा में गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित स्टेडियम का काफी बड़ा हिस्सा अलकनंदा के बढे़ जलस्तर की चपेट में आ गया था। इस दौरान श्रीनगर को चौरास क्षेत्र से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था। छात्रों की मांग पर विवि प्रशासन ने सुरक्षा दीवार निर्माण निर्माण के लिए 77 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। करीब 550 मीटर लंबी व 44 मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा होना था। वर्ष 2015 में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने प्रथम चरण का कार्य शुरू किया गया। प्रथम चरण के कार्य की लागत 29 करोड़ थी, जिसमें से विवि को मात्र 20 करोड़ ही मिले थे, लेकिन कार्यदायी एजेंसी को प्रथम चरण के कार्य का भी पूरा भुगतान नहीं हुआ। इससे सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य ठप हो गया। विवि के अधिशासी अभियंता विजयानंद बहुगुणा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व एमएचआरडी ने सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य के 20 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। हालांकि यह धनराशि विवि को उपलब्ध नहीं हुई है। बताया कि 10 करोड़ की धनराशि पिछले प्रथम चरण के कार्य का बकाया है। उन्होंने बताया कि दीवार निर्माण के लिए कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा बहुगुणा ने पूर्व में एमएचआरडी के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया था।
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