{"_id":"5ac3b65c4f1c1bd3618b5369","slug":"15227756495-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विष्णुगाड परियोजना का बांध निर्माण कार्य शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विष्णुगाड परियोजना का बांध निर्माण कार्य शुरु
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। अलकनंदा पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना पर बांध का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हेलंग में नदी पर 65 मीटर ऊंचा बांध बनेगा। इसे देखते हुए टीएचडीसी ने करीब 500 मीटर तक नदी के पानी को डायवर्ट कर टनल में प्रवाहित कर दिया है।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू हुआ था। विश्व बैंक की मदद से बन रही चार हजार करोड़ की इस परियोजना पर अभी तक करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। केंद्र सरकार परियोजना निर्माण की स्वयं मॉनीटरिंग कर रही है। वर्ष 2020 तक परियोजना कार्य को पूरा होना है। टीएचडीसी के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक डीबी सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत हेलंग से पीपलकोटी तक 13.4 किलोमीटर टनल का निर्माण किया जाएगा। परियोजना निर्माण में तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। परियोजना के मुख्य टनल का निर्माण कार्य टीवीएम (टनल बोरिंग मशीन) की सहायता से किया जाएगा। इस मौके पर टीएचडीसी के तकनीकी निदेशक एचएल अरोड़ा, कार्मिक निदेशक विजय गोयल, वित्त निदेशक श्रीधर पात्रा, अधिशासी निदेशक आरके विश्नोई, महाप्रबंधक यूके सक्सेना, महाप्रबंधक वीके बडोनी, पीके नैथानी और जनसंपर्क अधिकारी अनामिका आदि मौजूद थे।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू हुआ था। विश्व बैंक की मदद से बन रही चार हजार करोड़ की इस परियोजना पर अभी तक करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। केंद्र सरकार परियोजना निर्माण की स्वयं मॉनीटरिंग कर रही है। वर्ष 2020 तक परियोजना कार्य को पूरा होना है। टीएचडीसी के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक डीबी सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत हेलंग से पीपलकोटी तक 13.4 किलोमीटर टनल का निर्माण किया जाएगा। परियोजना निर्माण में तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। परियोजना के मुख्य टनल का निर्माण कार्य टीवीएम (टनल बोरिंग मशीन) की सहायता से किया जाएगा। इस मौके पर टीएचडीसी के तकनीकी निदेशक एचएल अरोड़ा, कार्मिक निदेशक विजय गोयल, वित्त निदेशक श्रीधर पात्रा, अधिशासी निदेशक आरके विश्नोई, महाप्रबंधक यूके सक्सेना, महाप्रबंधक वीके बडोनी, पीके नैथानी और जनसंपर्क अधिकारी अनामिका आदि मौजूद थे।
विज्ञापन