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राज्य सरकार की उपेक्षा पूर्ण रवैए पर जताई नाराजगी
Updated Mon, 19 Mar 2018 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। सोमवार को स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र सिंह मिंगवाल के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने कर्णप्रयाग संगम तट के शमशान घाट पर 24 घंटे का उपवास शुरू किया।
संगम तट पर स्थित शमशान घाट पर उपवास करते हुए स्थानीय आंदोलनकारियों ने कहा कि विगत 27 साल से राज्य की कोई भी सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी नहीं बना पाई है। इससे उत्तराखंड राज्य का सर्वांगीण विकास रुक गया है। कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय राज्य की जनता पहाड़ी राज्य की राजधानी गैरसैंण की पक्षधर थी, लेकिन राजनीतिक दलों की हठधर्मिता से राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैैंण नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार जन मुद्दों को लेकर मूक दर्शक बनी हुई है। इसके चलते आंदोलनकारी अपनी आवाज शमशान घाट से सरकार के कानों तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द इस दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उपवास करने वालों में ग्राम प्रधान बसक्वाली देवेंद्र सिंह चौहान, तोली के कुलदीप सिंह खत्री, संजय रावत, हरीश नेगी, विक्रम नेगी, विपिन नौटियाल, भारती मिंगवाल, पूर्व सभाषद मनोरमा देवली थे। समर्थन देने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज रावत, राकेश कोटियाल, भाष्कर पांडे, बच्ची लाल, दिनेश रावत व कुलदीप बिष्ट आदि मौजूद थे।
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संगम तट पर स्थित शमशान घाट पर उपवास करते हुए स्थानीय आंदोलनकारियों ने कहा कि विगत 27 साल से राज्य की कोई भी सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी नहीं बना पाई है। इससे उत्तराखंड राज्य का सर्वांगीण विकास रुक गया है। कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के समय राज्य की जनता पहाड़ी राज्य की राजधानी गैरसैंण की पक्षधर थी, लेकिन राजनीतिक दलों की हठधर्मिता से राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैैंण नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार जन मुद्दों को लेकर मूक दर्शक बनी हुई है। इसके चलते आंदोलनकारी अपनी आवाज शमशान घाट से सरकार के कानों तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द इस दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उपवास करने वालों में ग्राम प्रधान बसक्वाली देवेंद्र सिंह चौहान, तोली के कुलदीप सिंह खत्री, संजय रावत, हरीश नेगी, विक्रम नेगी, विपिन नौटियाल, भारती मिंगवाल, पूर्व सभाषद मनोरमा देवली थे। समर्थन देने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज रावत, राकेश कोटियाल, भाष्कर पांडे, बच्ची लाल, दिनेश रावत व कुलदीप बिष्ट आदि मौजूद थे।
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