फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए बिजली का बिल बना सिरदर्द

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए बिजली का बिल बना सिरदर्द

Mon, 12 Mar 2018 10:28 PM IST
Updated Mon, 12 Mar 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए बिजली का बिल बना सिरदर्द
श्रीनगर। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कालेज के लिए बिजली का बिल सिरदर्द बन गया है। संस्थान का फरवरी माह का बिल 19 लाख रुपये आया है। जो अन्य महीनों में आने वाले बिल की तुलना में 40 फीसदी अधिक है। संस्थान ने बिजली खपत कम करने के लिए तमाम उपाय कर दिए, लेकिन वह बेअसर हो रहे हैं। अब संस्थान विभागीय इंजीनियर से बिल अधिक आने की जांच कराएगा।
विज्ञापन

मेडिकल कालेज और इससे संबद्ध बेस अस्पताल का प्रतिमाह 11-12 लाख रुपये बिजली का बिल आता है। पूर्व में आवासीय परिसर का बिल भी कॉलेज प्रशासन भरता था, लेकिन लगभग डेढ़ साल पूर्व आवासीय परिसरों में सब मीटर लगा दिए, जिसके चलते रीडिंग के अनुसार अधिकारी/कर्मचारी/डॉक्टर बिल भरते हैं। संस्थान को उम्मीद थी कि इससे बिजली का बिल कम आ जाएगा, लेकिन बिल यथावत रहा। गत फरवरी माह में बिल 19 लाख रुपये पहुंच गया। इससे संस्थान के अधिकारी हैरत में पड़ गए। क्योंकि इस सीजन में ना तो पंखे चले और हीटरों का प्रयोग भी कम हुआ। पूर्व में बिल के मामले में संस्थान ने जांच कराई थी, लेकिन चोरी पकड़ में नहीं आ पाई। इस बार बिल ज्यादा आने पर तकनीकी जांच कराई जाने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज के वित्त नियंत्रक विवेक स्वरूप ने बताया कि 19 लाख रुपये बिल बहुत ज्यादा आया है। इससे बजट का ज्यादा हिस्सा बिल पर ही खर्च हो रहा है। इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों से भी वार्ता की गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के जेई से जांच कराके बिल ज्यादा आने की वजह ढूूंढी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed