{"_id":"5a9b04f14f1c1b512f8b52a9","slug":"152010901519-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"योग को धर्म से जोड़ना गलत: नायडू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योग को धर्म से जोड़ना गलत: नायडू
Updated Sun, 04 Mar 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ऋषिकेश। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि योग को किसी धर्म से जोड़ना गलत है। धर्म व्यक्तिगत मसला है, लिहाजा इसे योग से नहीं जोड़ा जा सकता है। वर्तमान जीवनशैली ऑनलाइन हो गई है, लेकिन हम इसे योग से लाइन में रख सकते हैं। योग आध्यात्मिक, भौतिक और मानसिक उत्थान का सहज माध्यम है।
शनिवार को उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग से योग्यता मिलती है। कहा कि शरीर को अनुशासन में रखने की शक्ति योग में ही है। शरीर को निरोग रखने के लिए दैनिक दिनचर्या में योग का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मन और शरीर को जोड़ने का एकमात्र माध्यम योग है।
दुनिया की प्रमुख संस्कृतियों में मिश्र, यूनानी और हिंदूू संस्कृति में सिर्फ अब हिंदू संस्कृति ही बची है। कहा कि हिंदू संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए, मगर इस संस्कृति ने कभी किसी को अतिक्रमण नहीं करने दिया।
विज्ञापन
उप राष्ट्रपति ने कहा कि योग दुनिया को जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने 94 देशों से आए योग जिज्ञासुुओं और साधकों के योग की तालीम लेने भारत आने पर उनका स्वागत किया। कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि इतने देशों को लोग योग महोत्सव में शामिल होने यहां आए हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश के पानी और हवा में योग बसता है। लिहाजा विश्व स्तर पर योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के रूप में विख्यात ऋषिकेश में आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस दौरान परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने उप राष्ट्रपति को इलायची की माला और रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। महोत्सव में शामिल होने से पूर्व उप राष्ट्रपति ने गंगा तट पर मोक्षदायिनी का आचमन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्नथनम, राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी, साध्वी भगवती सरस्वती, योगाचार्य मोहन भंडारी, गुरुमुख कौर खालसा, लोरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
शनिवार को उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग से योग्यता मिलती है। कहा कि शरीर को अनुशासन में रखने की शक्ति योग में ही है। शरीर को निरोग रखने के लिए दैनिक दिनचर्या में योग का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मन और शरीर को जोड़ने का एकमात्र माध्यम योग है।
विज्ञापन
दुनिया की प्रमुख संस्कृतियों में मिश्र, यूनानी और हिंदूू संस्कृति में सिर्फ अब हिंदू संस्कृति ही बची है। कहा कि हिंदू संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए, मगर इस संस्कृति ने कभी किसी को अतिक्रमण नहीं करने दिया।
विज्ञापन
उप राष्ट्रपति ने कहा कि योग दुनिया को जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने 94 देशों से आए योग जिज्ञासुुओं और साधकों के योग की तालीम लेने भारत आने पर उनका स्वागत किया। कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि इतने देशों को लोग योग महोत्सव में शामिल होने यहां आए हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश के पानी और हवा में योग बसता है। लिहाजा विश्व स्तर पर योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के रूप में विख्यात ऋषिकेश में आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस दौरान परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने उप राष्ट्रपति को इलायची की माला और रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। महोत्सव में शामिल होने से पूर्व उप राष्ट्रपति ने गंगा तट पर मोक्षदायिनी का आचमन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्नथनम, राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी, साध्वी भगवती सरस्वती, योगाचार्य मोहन भंडारी, गुरुमुख कौर खालसा, लोरा आदि मौजूद थे।