फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ऑलवेदर रोड परियोजना की मुआवजा सूची बनाने में छूट रहे अधिकारियों के पसीने

ऑलवेदर रोड परियोजना की मुआवजा सूची बनाने में छूट रहे अधिकारियों के पसीने

Sun, 18 Feb 2018 10:41 PM IST
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
ऑलवेदर रोड परियोजना की मुआवजा सूची बनाने में छूट रहे अधिकारियों के पसीने

विज्ञापन
गोपेश्वर। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत प्रभावितों के मुआवजा वितरण सूची बनाने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। नियमानुसार मुआवजा खतौनी में दर्ज सभी हिस्सेदारों को दिया जाना है, जबकि अधिग्रहित की गई भूमि पर परिवार के एकमात्र व्यक्ति का कब्जा है। अधिकारियों को मुआवजे की रिपोर्ट तैयार करने में सबसे अधिक दिक्कतें पीपलकोटी क्षेत्र में आ रही हैं। यहां एक खतौनी में चालीस से पचास हिस्सेदार हैं, जिससे यहां एक हिस्सेदार के खाते में सबसे कम सौ रुपये तक का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है।
चमोली जिले में पहले चरण में नंदप्रयाग से हेलंग (किमी 417 से किमी 468) तक अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे का वितरण होगा। इन दिनों अपर जिलाधिकारी ईला गिरी के निर्देशन में चमोली और जोशीमठ तहसील प्रशासन ऑलवेदर रोड परियोजना के मुआवजे की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। नंदप्रयाग के 268, पुरसाड़ी में 167, मैठाणा में 426, बांजबगड़ में 87, रोपा में 140, दुसातगांव में 264, अगथला में 406, गडोरा में 239, बाटुला में 910 और नौरख में 2134 प्रभावितों को मुआवजा दिया जाना है। चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि गोल खाते में दर्ज सभी हिस्सेदारों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा। यदि भू स्वामी को ही मुआवजा देने के लिए अन्य हिस्सेदारों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया तो भूस्वामी को पूरे मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन


क्षति का मिले उचित मुआवजा
गोपेश्वर। ऑलवेदर रोड परियोजना के प्रभावित मैठाणा गांव के दिनेश चंद्र खंडूड़ी का कहना है कि ग्रामीण अपनी भूमि, भवन और दुकानों की क्षति का उचित मुआवजा चाहते हैं। पर्वतीय जिलों में भूमि अभिलेखों में खतौनी के रूप में दर्ज होती है और एक ही खाते में कई हिस्सेदारों के नाम हैं। खतौनी की जमीनों का घरेलू बंटवारे के आधार पर बंटवारा किया जाता है। ऐसी स्थिति में यदि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा खतौनी के हिस्सेदारों के आधार पर दिया जाता है तो वास्तविक प्रभावित को उचित मुआवजा नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed