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राफ्टिंग कंपनियों का बचा रहा टिहरी प्रशासन

Tue, 23 Jan 2018 01:52 AM IST
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:52 AM IST
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राफ्टिंग कंपनियों का बचा रहा टिहरी प्रशासन
नोटिस तक सीमित डीएम-एसडीएम की कार्रवाई
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-- राफ्टिंग के दौरान महिला की मौत के मामले में संचालकों को बचाने की कोशिश
-- 6 जनवरी को डीएम ने दिए थे जांच के आदेश, 17 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। कौड़ियाला-मुनिकीरेती राफ्टिंग जोन में बीते अक्टूबर और जनवरी महीने में गोल्फ फोर्स रेपिड पर एक युवती और महिला की मौत के मामले में प्रशासन कार्रवाई से बचता नजर आ रहा है। डीएम टिहरी और एसडीएम नरेंद्र नगर की कार्रवाई नोटिस देने तक सीमित होकर रह गई है। जबकि एसडीएम जांच में दोनों ही कंपनियों की लापरवाही सामने आई है, और राफ्टिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी जा चुकी है।
शिवपुरी स्थित गोल्फ फोर्स रेपिड पर बीती 30 अक्टूबर को चेन्नई की डी. सुभाषनी और सात जनवरी को दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की राफ्टिंग के दौरान मौत के मामले में जिलाधिकारी टिहरी ने 6 जनवरी को एसडीएम नरेंद्रनगर को जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम ने मामले की जांच कर राफ्टिंग कराने वाली दो कंपनियों को दोषी पाया था। उन्होंने जांच रिपोर्ट में कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर उसे डीएम टिहरी को भेजा था, लेकिन दोनों कंपनियों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई, प्रशासन ने कंपनियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया है।
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एसडीएम नरेंद्रनगर लक्ष्मीराज चौहान ने बताया कि कंपनियों के जवाब मिले हैं। जिलाधिकारी ने मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद फिर से डीएम को दोबारा रिपोर्ट भेजी जाएगी। हालांकि पहले एसडीएम ने कहा था कि जांच में दोनों कंपनियों की खामियां मिली हैं। कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम टिहरी को भेज दी गई है। बताया था कि मामलेे में कंपनियों के लाइसेंस निलंबित या फिर निरस्त किए जा सकते हैं।
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डीएम टिहरी की सुनिए
जिलाधिकारी टिहरी सोनिका का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिली थी। एसडीएम नरेंद्रनगर को संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे। कंपनियों के संचालकों का पक्ष जानने के बाद अगर जवाब और तथ्य संतोषजनक नहीं मिलते हैं, तो उनके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा।
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