{"_id":"5a492fda4f1c1bfe7a8b4795","slug":"1514745983122600-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास को 2600 करोड़ देगा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास को 2600 करोड़ देगा केंद्र
Updated Mon, 01 Jan 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। उत्तराखंड में कृषि विकास की धुरी सहकारिता को बनाने के लिए केंद्र सरकार 2600 करोड़ रुपये देगी। प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए सहकारिता के माध्यम से विकास योजना की डीपीआर को मार्च तक अंतिम रुप दे दिया जाएगा। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह दिल्ली से जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग होते हुए हरिद्वार आए। केंद्रीय कृषि मंत्री को हल्द्वानी जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका यह दौरा रद्द हो गया। दिन के समय डामकोठी में रुकने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से पैक्स, भेड़-बकरी पालक संघ, डेयरी विकास, रेशम विकास, बुनकर सहकारिता, चीनी मिलें और सहकारी आवास संघ लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिए सलाहकार संस्था का चयन कर लिया गया है। फील्ड में सभी समितियां सर्वे कर चुुकी हैं। इस परियोजना के माध्यम से जहां किसानों की आय को दोगुना किया जा सकेगा वहीं पलायन को रोकने में भी मदद मिलेेगी। साथ ही जो लोग पहले ही पलायन कर चुके हें उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराकर राज्य में वापस लाया जाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि नेशनल कोआपरेटिव डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनसीडीसी) ने राज्य में कार्यरत सहकारी समितियां को सुदृढ़ करने के लिए 13 जिलों में आईसीडीसी परियोजना संचालित की है। राज्य के छह जिलों पिथौरागढ़, नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, चमोली और टिहरी गढ़वाल की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। राज्य सरकार को दूसरा चरण प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी जुटाने के लिए मार्जिन मनी ओर उनके मानव संसाधन विकास के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य के 10 जिला सहकारी बैंकों को कंप्यूटरीकृत करने के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है। एनसीडीसी की ओर से 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है, जिसमें आईसीडीसी के अंतर्गत 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 4400 सहकारी समितियों को विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वार सहकारिता के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की केंद्रीय कृषि मंत्री ने सराहना। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत एक लाख किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला किसानों को सहकारिता में 50 प्रतिशत सहभागिता सुुनिश्चित की जाएगी। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, जिला महामंत्री विकास तिवारी, जिला मंत्री राजीव भट्ट, अनिरूद्ध भाटी, विनीत जौली आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह दिल्ली से जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग होते हुए हरिद्वार आए। केंद्रीय कृषि मंत्री को हल्द्वानी जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से उनका यह दौरा रद्द हो गया। दिन के समय डामकोठी में रुकने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से पैक्स, भेड़-बकरी पालक संघ, डेयरी विकास, रेशम विकास, बुनकर सहकारिता, चीनी मिलें और सहकारी आवास संघ लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिए सलाहकार संस्था का चयन कर लिया गया है। फील्ड में सभी समितियां सर्वे कर चुुकी हैं। इस परियोजना के माध्यम से जहां किसानों की आय को दोगुना किया जा सकेगा वहीं पलायन को रोकने में भी मदद मिलेेगी। साथ ही जो लोग पहले ही पलायन कर चुके हें उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराकर राज्य में वापस लाया जाएगा।
विज्ञापन
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि नेशनल कोआपरेटिव डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनसीडीसी) ने राज्य में कार्यरत सहकारी समितियां को सुदृढ़ करने के लिए 13 जिलों में आईसीडीसी परियोजना संचालित की है। राज्य के छह जिलों पिथौरागढ़, नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, चमोली और टिहरी गढ़वाल की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। राज्य सरकार को दूसरा चरण प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी जुटाने के लिए मार्जिन मनी ओर उनके मानव संसाधन विकास के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य के 10 जिला सहकारी बैंकों को कंप्यूटरीकृत करने के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है। एनसीडीसी की ओर से 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है, जिसमें आईसीडीसी के अंतर्गत 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 4400 सहकारी समितियों को विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वार सहकारिता के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की केंद्रीय कृषि मंत्री ने सराहना। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत एक लाख किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला किसानों को सहकारिता में 50 प्रतिशत सहभागिता सुुनिश्चित की जाएगी। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, जिला महामंत्री विकास तिवारी, जिला मंत्री राजीव भट्ट, अनिरूद्ध भाटी, विनीत जौली आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन