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कुलपति को पद से हटाए जाने पर कर्मचारियों के एक गुट ने की आतिशबाजी
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:29 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. कौल को पद से हटाने संबंधी एमएचआरडी की मेल मिलते ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एक गुट ने आतिशबाजी कर मिष्ठान वितरण किया। वहीं कर्मचारी परिषद ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल को पद मुक्त करने संबंधी एमएचआरडी की मेल बृहस्पतिवार देर शाम गढ़वाल विवि प्रशासन को मिली। प्रो. कौल पर अनियमितताओं व आर्थिक रूप से विवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुलपति प्रो. कौल को पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अनुमति मांगी थी। जिसे केंद्रीय विवि के विजिटर ने मंजूर भी कर दिया था। हालांकि कुलपति प्रो. कौल ने 18 दिसंबर को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया था, लेकिन इसे अस्वीकार कर उन्हें पद से हटा दिया गया।
शुक्रवार को शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एक गुट ने प्रशासनिक भवन में आतिशबाजी का मिष्ठान वितरण किया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी व पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि विवि में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे लोगों को एमएचआरडी की इस कार्रवाई से बल मिलेगा।
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वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कहा कि केवल कुलपति को पद से हटाने तक सीमित न रह कर एमएचआरडी को भ्रष्टाचार के प्रत्येक दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल को पद मुक्त करने संबंधी एमएचआरडी की मेल बृहस्पतिवार देर शाम गढ़वाल विवि प्रशासन को मिली। प्रो. कौल पर अनियमितताओं व आर्थिक रूप से विवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुलपति प्रो. कौल को पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अनुमति मांगी थी। जिसे केंद्रीय विवि के विजिटर ने मंजूर भी कर दिया था। हालांकि कुलपति प्रो. कौल ने 18 दिसंबर को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया था, लेकिन इसे अस्वीकार कर उन्हें पद से हटा दिया गया।
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शुक्रवार को शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एक गुट ने प्रशासनिक भवन में आतिशबाजी का मिष्ठान वितरण किया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी व पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि विवि में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे लोगों को एमएचआरडी की इस कार्रवाई से बल मिलेगा।
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वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कहा कि केवल कुलपति को पद से हटाने तक सीमित न रह कर एमएचआरडी को भ्रष्टाचार के प्रत्येक दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।