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योग, धर्म की अलख जगाएगी युवाओं की टोली
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:09 AM IST
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हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के 380 विद्यार्थियों की 132 टोलियां योग और धर्म का प्रचार प्रसार करेेगी। देव संस्कृति विवि में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सत्र के बाद कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने टोलियों को रवाना किया।
इस अवसर पर कुलाधिपति डा. पंड्या ने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र विद्यार्थियों के लिए एक नया जन्म जैसा है। उन्होंने कहा कि दुनिया बदलेगी तो परिव्राजकों से ही बदलेगी। परिव्राजक धर्म का आदर्श प्रस्तुत करने वाले स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई अपने इष्ट का संदेशवाहक बनकर निकलता है तो उसकी शक्तियां सौ गुनी हो जाती हैं। उसके विचार, उसका चरित्र और व्यवहार समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि समाज के किसी भी क्षेत्र में सफल होना हो तो समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी का पालन करना होगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने बताया कि युवा परिव्राजकों की टोली महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, गोवा, आंध्रप्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों के अलावा नेपाल के ढाई सौ से अधिक शहरों, कस्बों में देवसंस्कृति की अलख जगाएगी।
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इस अवसर पर कुलाधिपति डा. पंड्या ने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र विद्यार्थियों के लिए एक नया जन्म जैसा है। उन्होंने कहा कि दुनिया बदलेगी तो परिव्राजकों से ही बदलेगी। परिव्राजक धर्म का आदर्श प्रस्तुत करने वाले स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई अपने इष्ट का संदेशवाहक बनकर निकलता है तो उसकी शक्तियां सौ गुनी हो जाती हैं। उसके विचार, उसका चरित्र और व्यवहार समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि समाज के किसी भी क्षेत्र में सफल होना हो तो समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी का पालन करना होगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने बताया कि युवा परिव्राजकों की टोली महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, गोवा, आंध्रप्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों के अलावा नेपाल के ढाई सौ से अधिक शहरों, कस्बों में देवसंस्कृति की अलख जगाएगी।
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