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बायो फ्यूल बन सकता है वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:53 PM IST
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गोपेश्वर। इंजीनियरिंग कॉलेज कोठियालसैंण (गोपेश्वर) में प्रगतिशील विज्ञान व इंजीनियरिंग पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बायो फ्यूल को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रयोग करने की बात कही गई। सम्मेलन में विभिन्न जगहों से आए इंजीनियरों ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। केरल की यूकेन इन्वेंट संस्था के सीईओ प्रवीन वेटियाटिल ने विभिन्न आविष्कारों की जानकारी दी। उन्होंने एयर कंडीशनर और स्टार्टअप के आविष्कार पर व्याख्यान दिया।
कॉलेज के सभागार में आयोजित सम्मेलन के अंतिम दिन प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर गिरधर जोशी ने बायो फ्यूल पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ऊर्जा के स्रोत संकुचित हो रहे हैं, भविष्य में बायो फ्यूल (जैविर्क इंधन) एक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर के वित्तीय सलाहकार टीएल शाह ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी कृषि, उद्यान के क्षेत्र में नई तकनीकी विकसित होनी चाहिए। पंतनगर विश्वविद्यालय के छात्रों ने पर्यावरण विज्ञान और गोरखपुर के इंजीनियरों ने बायो फ्यूल पर, प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद के इंजीनियरों और छात्र-छात्राओं ने भी अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। पीजी कॉलेज गोपेश्वर के प्रवक्ता डा. दर्शन सिंह नेगी ने प्रभावशाली संप्रेक्षण क्षमता पर व्याख्यान दिया। डा. दिनेश सती ने सूक्ष्य प्रौद्योगिकी पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर आयोजन सचिव संदीप कंडवाल, हेमंत चौहान, दिनेश, अरुण उनियाल, इंदु, मीनू चिन्वाल, भारती कालरा, विश्वनाथ विजल्वाण और प्रवीण आदि मौजूद थे। संचालन डा. अजय गैरोला ने किया।
कॉलेज के सभागार में आयोजित सम्मेलन के अंतिम दिन प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर गिरधर जोशी ने बायो फ्यूल पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ऊर्जा के स्रोत संकुचित हो रहे हैं, भविष्य में बायो फ्यूल (जैविर्क इंधन) एक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर के वित्तीय सलाहकार टीएल शाह ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी कृषि, उद्यान के क्षेत्र में नई तकनीकी विकसित होनी चाहिए। पंतनगर विश्वविद्यालय के छात्रों ने पर्यावरण विज्ञान और गोरखपुर के इंजीनियरों ने बायो फ्यूल पर, प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद के इंजीनियरों और छात्र-छात्राओं ने भी अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। पीजी कॉलेज गोपेश्वर के प्रवक्ता डा. दर्शन सिंह नेगी ने प्रभावशाली संप्रेक्षण क्षमता पर व्याख्यान दिया। डा. दिनेश सती ने सूक्ष्य प्रौद्योगिकी पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर आयोजन सचिव संदीप कंडवाल, हेमंत चौहान, दिनेश, अरुण उनियाल, इंदु, मीनू चिन्वाल, भारती कालरा, विश्वनाथ विजल्वाण और प्रवीण आदि मौजूद थे। संचालन डा. अजय गैरोला ने किया।
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